विज्ञान और खोज

चंद्रमा के नए क्रेटर के चारों ओर मिला हैरान करने वाला ठंडा क्षेत्र

वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर 222 मीटर चौड़ा एक क्रेटर पहचाना है। इससे चंद्रमा पर हुए एक बड़े टकराव के पहले और बाद का दुर्लभ रिकॉर्ड मिला है। खोज में एक अप्रत्याशित परिणाम भी सामने आया: जमीन का एक व्यापक हिस्सा रात में आसपास की सतह से अधिक ठंडा रहता है।

मैकगेटचिन नाम का यह क्रेटर लगभग 43 मीटर गहरा है। NASA के Lunar Reconnaissance Orbiter की तस्वीरों के अनुसार यह 11 अप्रैल से 22 मई 2024 के बीच बना, हालांकि किसी ने टकराव को सीधे नहीं देखा। तस्वीरों के विशेषज्ञ रॉबर्ट वैग्नर ने अक्टूबर 2025 में यह बदलाव देखा; पुरानी तस्वीरों से तुलना ने नए क्रेटर की पुष्टि की।

शोधकर्ताओं का मानना है कि किसी क्षुद्रग्रह या धूमकेतु के टुकड़े से यह टकराव हुआ। अनुमान है कि चंद्रमा पर इस आकार की घटनाएं लगभग हर 130 वर्ष में एक बार होती हैं।

Science Advances में प्रकाशित दो अध्ययनों में ऐसे बदलावों का वर्णन है जो क्रेटर के किनारे से बहुत दूर तक फैले हैं। तापीय मापों से उसके आसपास लगभग 6.4 किलोमीटर चौड़ा क्षेत्र सामने आया, जहां रात का तापमान पास की जमीन से लगभग 9°C तक कम था। टकराव ने चट्टानों के टुकड़ों और धूल की सतही परत को ढीला कर दिया था, जिससे उसकी गर्मी संजोकर रखने की क्षमता कम हो गई।

घटना के पहले और बाद की तस्वीरों की मदद से वैज्ञानिक अब देख सकते हैं कि हाल में बदला हुआ यह भूभाग समय के साथ कैसे बदलता है। मलबा कितनी दूर तक जाता है और टकराव जमीन को कैसे बदलते हैं, यह समझना योजनाकारों को भविष्य के चंद्र वाहनों और उपकरणों के लिए जोखिमों का आकलन करने में भी मदद कर सकता है।

स्रोत

  1. El Comercio PerúDescubren en la Luna un enorme cráter más grande que el Coliseo romano: los expertos creen saber qué lo provocó
  2. www.nationalgeographic.com.esUn enorme objeto choca contra la Luna y deja un cráter del diámetro de 2 campos de fútbol y 15 plantas de profundidad
  3. O GloboMais de 200 m de largura e 43 m de profundidade: o que se sabe sobre a maior cratera lunar recém-formada já identificada no Sistema Solar

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

Science Advances

El Comercio Perú स्पष्ट रूप से Science Advances में प्रकाशित एक अध्ययन की पहचान करता है और दूसरे अध्ययन की चर्चा करता है। www.nationalgeographic.com.es नतीजों का श्रेय Science Advances में प्रकाशित दो शोधों को देता है। O Globo बताता है कि खोज की जानकारी Science Advances में प्रकाशित लेखों में दी गई थी। ये शोध के साझा मूल स्रोत हैं, तीन स्वतंत्र पुष्टियां नहीं।

NASA

El Comercio Perú 'NASA के एक प्रकाशन' का हवाला देता है और उद्धरणों का श्रेय NASA को देता है। www.nationalgeographic.com.es LRO की निगरानी के नतीजों का वर्णन करते हुए कहता है, 'NASA स्वयं रेखांकित करता है'। किसी भी लेख में NASA और प्रकाशक के बीच कोई मध्यस्थ स्थापित नहीं होता।

Nasa

O Globo खोज के विवरण के लिए 'Nasa के अनुसार' का प्रयोग करता है और स्पष्ट रूप से 'Nasa की वेबसाइट पर जारी जानकारी' का हवाला देता है। दी गई वर्तनी जस की तस रखी गई है; यह वही संस्थागत मूल स्रोत है जिसे अन्य चयनित रिपोर्टों में NASA कहा गया है।