
प्रौद्योगिकी और नवाचार
नई सामग्री से बेहद छोटे OLEDs बनाने में मिल सकेगी चिप निर्माण जैसी सटीकता
ETH Zurich के शोधकर्ताओं ने ऐसी प्रकाश उत्सर्जक सामग्रियां विकसित की हैं जो माइक्रोचिप बनाने में इस्तेमाल होने वाली सटीक निर्माण प्रक्रिया को सहन कर सकती हैं। यह प्रगति बेहद छोटे और स्पष्ट OLED स्क्रीन बनाने में लंबे समय से मौजूद एक बाधा को दूर करने की दिशा में है।
OLEDs प्रकाश उत्सर्जित करने के लिए कार्बन-आधारित यौगिकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सूक्ष्म पैटर्न बनाने की तकनीक फोटोलिथोग्राफी में इस्तेमाल होने वाले रसायन आम तौर पर इन यौगिकों को नुकसान पहुंचाते हैं। टीम की नई सामग्रियों में आणविक शाखाएं प्रकाश उत्सर्जक केंद्र की रक्षा करती हैं। पराबैंगनी प्रकाश में इन शाखाओं के बाहरी सिरे आपस में जुड़ जाते हैं, जिससे केंद्र को खास नुकसान पहुंचाए बिना बारीक पैटर्न बन सकते हैं।
इस सटीकता को प्रदर्शित करने के लिए शोधकर्ताओं ने मकॉ तोते की एक बहुरंगी छवि बनाई, जिसका आकार महज 0.3 गुणा 0.43 मिलीमीटर था और जिसमें 250 गुणा 350 पिक्सेल थे। यह कोई काम करने वाली स्क्रीन नहीं थी: इसके रंग बिजली के बजाय बाहरी प्रकाश में चमकते थे। एक अलग प्रयोग में टीम ने बिजली से चलने वाला, 1 गुणा 2.4 मिलीमीटर आकार का प्रकाश उत्सर्जक पैटर्न बनाया।
Nature में प्रकाशित निष्कर्ष इन सामग्रियों पर मौजूदा चिप निर्माण तकनीक से पैटर्न बनाने का तरीका स्थापित करते हैं। काम करने वाले डिस्प्ले के लिए अभी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक परिपथ चाहिए जो प्रत्येक पिक्सेल को स्वतंत्र रूप से नियंत्रित कर सकें। शोधकर्ताओं का लक्ष्य बिजली से चलने वाले पिक्सेल को और छोटा करना भी है।
यदि अगले चरण सफल रहे, तो यह तरीका संवर्धित वास्तविकता वाले चश्मों और कैमरे के व्यूफाइंडर के लिए छोटे स्क्रीन बनाने के साथ-साथ शोध और चिकित्सा तकनीक के लिए सटीक स्थानों पर प्रकाश स्रोत बनाने में मदद कर सकता है।