
स्वास्थ्य और उपचार
यूरोप में मरीजों तक पहुँचा त्वचा के भीतर छिपा श्रवण इम्प्लांट
ऑस्ट्रिया में विकसित एक कॉक्लियर इम्प्लांट पहली बार व्यावसायिक उपयोग के तहत मरीजों को लगाया गया है। यह गंभीर से अत्यंत गंभीर श्रवण हानि वाले लोगों को बाहरी प्रोसेसर के बिना सुनने की सुविधा देता है। यूरोपीय नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद MED-EL ने 29 सितंबर को TICI UNICO पेश किया। नैदानिक परीक्षणों से बाहर इसके पहले प्रत्यारोपण ऑपरेशन ऑस्ट्रिया में हुए।
यह दुनिया का पहला व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कॉक्लियर इम्प्लांट है, जिसके सभी हिस्से त्वचा के नीचे रहते हैं। पारंपरिक इम्प्लांट में शरीर के बाहर पहने जाने वाले माइक्रोफोन, प्रोसेसर और बैटरी ध्वनि को विद्युत संकेतों में बदलने में मदद करते हैं, जो श्रवण तंत्रिका को उत्तेजित करते हैं। नई प्रणाली इन हिस्सों को शरीर के भीतर रखती है, जिससे उपयोगकर्ता तैरते या सोते समय भी सुन सकते हैं।
इसे अब भी एक बाहरी चुंबकीय चार्जर की जरूरत होती है, लेकिन चार्जिंग के दौरान भी सुनने की सुविधा बनी रहती है। यह उपकरण यूरोपीय बाजारों में पेश किया जा रहा है और अभी अमेरिका में उपलब्ध नहीं है।
शुरुआती साक्ष्य उत्साहजनक हैं, लेकिन सीमित हैं। छह लोगों पर किए गए एक प्रकाशित व्यवहार्यता अध्ययन से संकेत मिलता है कि इससे मिलने वाली सुनने की क्षमता पारंपरिक इम्प्लांट के तुलनीय है, जबकि MED-EL द्वारा उद्धृत अन्य नतीजों की सहकर्मी समीक्षा अभी बाकी है।
परीक्षण में शामिल डायना ग्रॉसर के लिए सबसे बड़ा बदलाव रोजमर्रा की आजादी थी: प्रोसेसर के खिसकने या खो जाने की चिंता किए बिना तैरना और मोटरसाइकिल चलाना। उन्होंने रात में भी सुन पाने के विकल्प को अहम बताया।