
विज्ञान और खोज
प्राचीन मिस्री मकबरे में सुरक्षित हैं कामकाजी जीवन के जीवंत दृश्य
मिस्र और स्पेन की एक संयुक्त टीम ने सक्कारा में असाधारण रूप से अच्छी तरह संरक्षित एक मकबरा खोजा है, जिसके चित्रित दृश्यों में चार सहस्राब्दियों से अधिक समय बीतने के बाद भी मूल रंगों के निशान मौजूद हैं। पांचवें राजवंश के उत्तरार्ध और फराओ जेदकारे इसेसी के शासनकाल के इस मस्तबा—सपाट छत वाली दफन संरचना—में युनमेन नामक अधिकारी और उसके पिता इटी के लिए बने दो अंत्येष्टि पूजा-कक्ष हैं।
युनमेन न्यायाधीश और वरिष्ठ प्रशासक था, जो याचिकाओं और शिकायतों की समीक्षा करता था। उसके पूजा-कक्ष की बारीकी से तराशी गई उभरी आकृतियों में काम करते किसान, पशु, सेवक और भेंट लेकर आते जुलूस दिखाई देते हैं। पास का पूजा-कक्ष इटी का था, जिसका काम कृषि भूमि और भेंटों से जुड़ा था। हालांकि उसकी सजावट का अधिक हिस्सा नष्ट हो चुका है, फिर भी भेंट चढ़ाने के चित्रित दृश्यों के निशान और एक आभासी द्वार बचे हैं। प्राचीन मिस्री ऐसे द्वारों को प्रतीकात्मक मार्ग मानते थे, जिनके जरिए मृतक जीवित लोगों से पोषण प्राप्त कर सकते थे।
यह खोज बार्सिलोना के स्वायत्त विश्वविद्यालय और मिस्र की सर्वोच्च पुरावशेष परिषद द्वारा सक्कारा के उत्तर में स्थित मारिएट कब्रिस्तान में किए गए व्यवस्थित मानचित्रण और उत्खनन से सामने आई। हालांकि यह क्षेत्र 19वीं सदी से ज्ञात है, लेकिन इसका पूरी तरह दस्तावेजीकरण नहीं हुआ था। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह मकबरा मिस्र के प्राचीन साम्राज्य काल की वास्तुकला, कला, प्रशासन और दैनिक गतिविधियों की समझ को गहरा कर सकता है। उनके काम से आसपास दो और मस्तबा होने के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच भविष्य के उत्खनन सत्रों में की जा सकती है।