
स्वास्थ्य और उपचार
कृत्रिम जीभ से कैंसर से उबरी महिला को अधिक स्पष्ट बोलने में मदद
डॉ. इमोजन ब्रूक्स का कहना है कि उनके लिए खास तौर पर बनाई गई कृत्रिम जीभ से उनकी बोली अधिक स्पष्ट हुई है और बोलने में थकान कम होती है। कैंसर के इलाज के बाद उन्हें अपनी बात दूसरों को समझाने में कठिनाई हो रही थी।
पूर्वी लंदन की ब्रूक्स को सिर और गर्दन के कैंसर का पता चलने के बाद उनकी जीभ का अधिकांश हिस्सा हटाकर उसका पुनर्निर्माण किया गया था। इसके बाद रेडियोथेरेपी से ऊतक सिकुड़ गए, जिससे उनकी बोली प्रभावित हुई। फोन कॉल के लिए वह बोलने में सहायता देने वाली तकनीक पर निर्भर थीं, जबकि उनकी बात ठीक से न समझे जाने से चिकित्सा परामर्श और काम में मुश्किलें आती थीं।
कृत्रिम जीभों पर जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने Guy's and St Thomas' NHS Foundation Trust के चिकित्सकों से पूछा कि क्या ऐसी कोई जीभ उनकी मदद कर सकती है। वाक् और भाषा चिकित्सक कैरोलिन डाउटी ने डॉक्टरों और प्रयोगशाला तकनीशियनों को साथ लाकर ब्रूक्स के मुंह और बोली के अनुरूप एक उपकरण विकसित किया। डाउटी का मानना है कि यह ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में बनाया गया अपनी तरह का पहला कृत्रिम अंग है।
टीम ने डिजाइन पर शोध करने और उसे बेहतर बनाने में कई महीने लगाए। एक धातु का ढांचा उनके निचले दांतों पर क्लिप से जुड़ता है और सिलिकॉन की जीभ को सहारा देता है। जीभ को ऐसा आकार दिया गया है जिससे वह अधिक से अधिक ध्वनियां निकाल सकें। ब्रूक्स ने घर पर परीक्षण के लिए बने संस्करणों को आजमाया और सुधार के लिए अपने नोट्स लेकर लौटीं।
उन्हें तीन दिनों के भीतर बोली में सुधार महसूस हुआ और इसके अनुकूल होने में करीब दो सप्ताह लगे। बाद में उन्होंने अपनी डॉक्टरेट की मौखिक परीक्षा पास की। रोजमर्रा की बातचीत भी आसान हो गई है। उनकी दादी, जिन्हें कम सुनाई देता है, उनकी बात बेहतर समझ सकीं और हाथों से इशारे करने की जरूरत कम पड़ी।