
विज्ञान और खोज
खगोलविदों ने एक ग्रह की हैरान करने वाली विपरीत दिशा की कक्षा मापी
खगोलविदों ने एक हैरान करने वाली ग्रह-कक्षा मापी है: GJ 3090 b अपने तारे के घूर्णन की विपरीत दिशा में उसकी परिक्रमा करता है। यह खोज ग्रह प्रणालियों के निर्माण से जुड़ी धारणाओं को परखने का एक नया अवसर देती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ जिनेवा के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इस ग्रह का अध्ययन किया, जो एक लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है। ऐसा तारा सूर्य से छोटा और ठंडा होता है। TESS अंतरिक्ष दूरबीन ने सबसे पहले इस ग्रह का पता लगाया था। इसकी त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या से 2.2 गुनी और इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान से 4.5 गुना है।
शोधकर्ताओं ने ग्रह की पुष्टि करने, उसका द्रव्यमान मापने और उसकी असामान्य कक्षीय दिशा निर्धारित करने के लिए NIRPS का इस्तेमाल किया। यह चिली की ला सिला वेधशाला में एक दूरबीन पर लगा उपकरण है, जो अवरक्त प्रकाश का विश्लेषण करता है। उन्होंने इस प्रणाली में दो अन्य ग्रहों का भी पता लगाया। परिणाम Astronomy & Astrophysics में प्रकाशित हुए।
तारे और ग्रह गैस तथा धूल के एक साझा, घूमते हुए बादल से बनते हैं, इसलिए ग्रहों से अपेक्षा होती है कि वे उसी दिशा में परिक्रमा करेंगे जिस दिशा में उनका तारा घूमता है। हमारे सौर मंडल के सभी आठ ग्रह ऐसा ही करते हैं।
इस मामले को खास तौर पर उलझन भरा बनाने वाली बात यह है कि शोधकर्ताओं को किसी बड़े द्रव्यमान वाले साथी पिंड, जैसे दूसरे तारे या विशाल ग्रह, का कोई साक्ष्य नहीं मिला जो इस असामान्य कक्षा को समझा सके। एक संभावना यह है कि तारे ने बाद में विपरीत दिशा में घूमती सामग्री की दूसरी चकती एकत्र की, जिससे ग्रह बने। फिलहाल, यह एक परिकल्पना ही है।