
विज्ञान और खोज
Bedmap3 ने अंटार्कटिका के छिपे भू-दृश्य का अब तक का सबसे स्पष्ट नक्शा तैयार किया
वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे के भू-दृश्य का अब तक का सबसे विस्तृत पुनर्निर्माण किया है। इससे पर्वत शृंखलाओं, गहरी घाटियों, तंग घाटियों और समुद्र तल से नीचे स्थित विस्तृत बेसिनों से आकार पाए महाद्वीप की तस्वीर सामने आती है। नया एटलस Bedmap3 छह दशकों से अधिक समय में जुटाए गए मापों को सतह की ऊंचाई, बर्फ की मोटाई और आधारभूत चट्टान की ऊंचाई दर्शाने वाले 500 गुणा 500 मीटर के ग्रिड में बदलता है।
Scientific Data में प्रकाशित यह अंतरराष्ट्रीय परियोजना विमानों, उपग्रहों, जहाज़ों और ज़मीनी अभियानों के अवलोकनों को जोड़ती है। इसके प्रमुख अपडेट में 15 डेटा प्रदाताओं के 84 हवाई भूभौतिकीय सर्वेक्षण शामिल किए गए, जिनसे 19 लाख रैखिक किलोमीटर में किए गए मापों के लगभग 5.2 करोड़ डेटा बिंदु जुड़े। इन अतिरिक्त आंकड़ों ने अंटार्कटिक प्रायद्वीप, ट्रांसअंटार्कटिक पर्वतों और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में आंकड़ों की महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने में मदद की।
इस अधिक स्पष्ट तस्वीर ने एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड को भी सुधारा है। अंटार्कटिका की बर्फ की सतह से उसके चट्टानी आधार तक की सबसे बड़ी ज्ञात ऊर्ध्वाधर दूरी अब विल्क्स लैंड में एक अनाम तंग घाटी के ऊपर मिली है, जहां बर्फ 4,757 मीटर मोटी है। पहले यह रिकॉर्ड एस्ट्रोलैब बेसिन में माना जाता था।
Bedmap3 बर्फ रहित अंटार्कटिका का पूर्वानुमान नहीं है। इसकी उपयोगिता व्यावहारिक है: बर्फ के नीचे छिपी ज़मीन का आकार और ढलान समुद्र की ओर बढ़ती बर्फ की गति तेज कर सकते हैं, उसे दिशा दे सकते हैं या रोक सकते हैं। यह डेटासेट बर्फ के नीचे की झीलों और जल निकासी मार्गों का भी नक्शा बनाता है, जिससे शोधकर्ताओं को यह मॉडल तैयार करने का अधिक मजबूत आधार मिलता है कि हिमनद कहां अपना द्रव्यमान खो सकते हैं। इससे भविष्य में समुद्र स्तर में वृद्धि से जुड़ी अनिश्चितता को कम करने में भी मदद मिलती है।