
विज्ञान और खोज
बोलीविया के मेघ वनों में जंगली बिल्ली की नई प्रजाति की पहचान
बोलीविया के युंगास मेघ वनों की एक छोटी, चित्तीदार जंगली बिल्ली को ऐसी प्रजाति के रूप में पहचाना गया है जो अब तक विज्ञान के लिए अज्ञात थी। इसे Leopardus tilcayo नाम दिया गया है, जिसमें स्थानीय समुदायों द्वारा पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा नाम बरकरार रखा गया है।
इस रहस्य की शुरुआत सेंदा वेरदे वन्यजीव अभयारण्य की एक बिल्ली से हुई। सामान्य घरेलू बिल्ली से छोटी इस बिल्ली के शरीर पर बने निशान छोटी जंगली बिल्लियों के समूह, टाइगर कैट्स, की ज्ञात प्रजातियों के विवरण से मेल नहीं खाते थे। जीवविज्ञानी पाओला नोगालेस-अस्कारुंज ने इसकी जांच शुरू की।
Current Biology में प्रकाशित अध्ययन के लिए टीम ने दक्षिण अमेरिका के कई देशों की 38 बिल्लियों के डीएनए की तुलना की। विश्लेषण से संकेत मिला कि तिलकायो का वंश लगभग 14 लाख वर्ष पहले अन्य टाइगर कैट्स से अलग हुआ था। इसने उस समूह में आनुवंशिक रूप से अलग पांच टाइगर कैट प्रजातियों की भी पहचान की, जिसे कभी एक ही प्रजाति माना जाता था।
अभी बहुत कुछ अज्ञात है। तिलकायो के बारे में साक्ष्य केवल दो जीवित बिल्लियों और कैमरा ट्रैप के कुछ रिकॉर्ड से मिले हैं, और वैज्ञानिक अभी नहीं जानते कि जंगल में उनकी आबादी कितनी है। निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के साथ साझा किए गए हैं, जिसकी आगामी समीक्षा में पांचों वंशों का अलग-अलग आकलन होगा। इससे ऐसे जोखिम सामने आ सकते हैं जो अलग-अलग बिल्लियों को एक समूह में रखने पर छिप जाते हैं, और कृषि, आग तथा खनन के दबाव वाले वनों में संरक्षण की जरूरतें स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।