
विज्ञान और खोज
मिट्टी में दबाए सूती कपड़ों ने स्विस जैविक खेतों में अधिक जैविक सक्रियता दिखाई
स्विट्जरलैंड में नागरिकों की भागीदारी से हुए एक देशव्यापी वैज्ञानिक अध्ययन में जैविक खेती और मिट्टी में कम छेड़छाड़ का संबंध अधिक स्वस्थ तथा जैविक रूप से अधिक सक्रिय मिट्टी से मिला। इसमें मापने के लिए एक असामान्य साधन इस्तेमाल हुआ: सूती अंतर्वस्त्र।
लगभग 1,000 बागवानों और किसानों ने ज्यूरिख विश्वविद्यालय तथा Agroscope के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर चुनी हुई जगहों पर मानक सूती वस्त्र दबाए। उन्हें निकालने के बाद कपड़े के विघटन की मात्रा ने बैक्टीरिया, कवक, केंचुओं, कीटों और मिट्टी के अन्य जीवों की सक्रियता का व्यावहारिक संकेत दिया।
परिणामों ने दिखाया कि भूमि प्रबंधन जमीन के नीचे मापने योग्य अंतर पैदा कर सकता है। परंपरागत खेती वाले खेतों के मुकाबले जैविक तरीके से प्रबंधित खेतों में सूती कपड़े का विघटन काफी अधिक हुआ। बिना जुताई की खेती का संबंध भी मिट्टी की गुणवत्ता के बेहतर परिणामों से मिला। बगीचे जैविक रूप से सबसे सक्रिय स्थानों में शामिल थे, जबकि कृषि भूखंडों में उनके प्रबंधन के तरीके के अनुसार काफी अंतर दिखा।
प्रतिभागियों ने वस्त्रों की तस्वीरें भी लीं और मिट्टी के नमूने भेजे, जिससे शोधकर्ताओं को पूरे स्विट्जरलैंड की स्थितियों की व्यापक तस्वीर बनाने में मदद मिली। प्रयोगशाला में डीएनए विश्लेषण का उद्देश्य उन नमूनों में जीवों की विविधता के बारे में और जानकारी हासिल करना है।
शोधकर्ताओं ने चेताया कि तेजी से विघटन होना हर जगह आदर्श मानक नहीं है। वनों और अन्य प्राकृतिक अवस्था के करीब रहने वाले आवासों में पोषक तत्वों का असामान्य रूप से ऊंचा स्तर पारिस्थितिक असंतुलन का संकेत हो सकता है। लेकिन कृषि भूमि में जैविक रूप से सक्रिय मिट्टी उर्वरता, पोषक तत्वों के चक्र, पानी की गुणवत्ता, कार्बन भंडारण और खाद्य उत्पादन को सहारा देती है।