
फलती-फूलती प्रकृति
दक्षिण चीन सागर के निगरानी वाले क्षेत्रों में प्रवाल आवरण बढ़ा
चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के दक्षिण चीन सागर ब्यूरो के दो बुलेटिनों के अनुसार, 2025 में दक्षिण चीन सागर के हर निगरानी वाले क्षेत्र में जीवित प्रवालों का आवरण बढ़ा, जबकि मैंग्रोव और समुद्री घास स्वस्थ बने रहे। मैंग्रोव के छत्र आवरण का स्तर 75 प्रतिशत से अधिक रहा और तटीय जल की गुणवत्ता तथा जैव विविधता सामान्य दायरे में बनी रही। इससे समुद्री पारिस्थितिकी के समग्र रूप से स्थिर होने के आकलन को बल मिला।
रिपोर्टों में शीशा, झोंगशा और नानशा समूहों के नौ द्वीपों और प्रवाल भित्तियों का पहला व्यापक पारिस्थितिक आकलन भी प्रस्तुत किया गया। शीशा की प्रवाल भित्तियों में 2020 की व्यापक प्रवाल विरंजन घटना और कांटों के मुकुट वाली तारामछलियों के प्रकोप के बाद सुधार के संकेत मिले, साथ ही बड़ी संख्या में नए कठोर प्रवाल विकसित हुए। हुआंगयान दाओ में सर्वेक्षणों ने संरक्षित क्षेत्र के भीतर भित्ति बनाने वाले प्रवालों की 135 प्रजातियां, 1.85 वर्ग किलोमीटर समुद्री घास के मैदान और 38.8 प्रतिशत जीवित प्रवाल आवरण दर्ज किया।
निगरानी के दौरान पहली बार वेनचांग के तट से दूर एक वयस्क व्हेल शार्क दर्ज की गई। बेइबू खाड़ी में ब्राइड व्हेलों के समूह और योंगशु प्रवाल भित्ति पर डुगोंग भी दर्ज किए गए। हालांकि, सुधार एकसमान नहीं था: आकलन की गई नानशा की दो प्रवाल भित्तियां अब भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त थीं। 2021 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में 262 समुद्री पुनर्बहाली परियोजनाएं चलाई गईं, जिनके लिए 21.3 अरब युआन से अधिक का वित्तपोषण दिया गया।