
प्रौद्योगिकी और नवाचार
गहरे समुद्र की चट्टानों के नमूनों से दक्षिण चीन सागर के अतीत के नए सुराग
चीन का समुद्री ड्रिलिंग जहाज Mengxiang दक्षिण चीन सागर के नीचे से ज्वालामुखीय चट्टान बेसाल्ट का 4.27 मीटर लंबा बेलनाकार नमूना लेकर ग्वांगझोउ लौट आया है। इसके साथ उसका पहला प्रायोगिक वैज्ञानिक ड्रिलिंग अभियान पूरा हुआ।
30 दिनों की यात्रा के दौरान जहाज ने 4,100 मीटर तक गहरे पानी में काम किया और दो स्थानों पर ड्रिलिंग की। China Geological Survey के अनुसार, बेसाल्ट के नमूने मिलने से चीन अमेरिका और जापान के बाद तीसरा देश बन गया है जिसने ड्रिलिंग जहाज के जरिए गहरे महासागरीय बेसिन से कठोर चट्टान के नमूने निकाले हैं।
इन नमूनों को निकालना कठिन है। बेसाल्ट कठोर और भंगुर होता है, और मोटी तलछट उसे सैकड़ों मीटर मोटी सामग्री के नीचे दबा सकती है। टीम ने चीन में विकसित बेलनाकार नमूने निकालने वाले उपकरण का इस्तेमाल किया। अभियान में समुद्र तल से नीचे ड्रिलिंग की अधिकतम गहराई लगभग 865 मीटर रही।
ये बेलनाकार नमूने बेसिन के इतिहास का भौतिक रिकॉर्ड देते हैं। वैज्ञानिकों को भूरे और हरे रंग की बारी-बारी से आने वाली तलछट की परतें मिलीं। साथ ही कार्बनिक पदार्थों से समृद्ध निक्षेप मिले, जो प्राचीन समुद्री परिस्थितियों और जलवायु के नियमन में शामिल प्राकृतिक प्रक्रियाओं को समझने में मदद कर सकते हैं। प्रारंभिक विश्लेषण बड़े पैमाने की ज्वालामुखीय गतिविधि के कई चरणों का भी संकेत देता है।
यह यात्रा मुख्यतः ड्रिलिंग क्षमता का परीक्षण थी। मुख्य वैज्ञानिक सुन झेन ने कहा कि 2027 के लिए नियोजित अगला अभियान उस बड़े बदलाव की जाँच करेगा जिसमें बेसिन की भूपर्पटी के अलग होने का स्थान बदल गया था। नए नमूने इस बदलाव की परस्पर प्रतिस्पर्धी व्याख्याओं को परखने के लिए साक्ष्य देते हैं।