
विज्ञान और खोज
डेनमार्क में वाइकिंग युग का सबसे बड़ा ज्ञात चांदी का भंडार मिला, दूर-दराज तक फैले संपर्कों के प्रमाण
बगीचे में संयोग से हुई एक खोज ने पुरातत्वविदों को डेनमार्क में वाइकिंग युग का सबसे बड़ा ज्ञात चांदी का भंडार उपलब्ध कराया है। रेबिल्ड नगरपालिका में एक घर के नीचे मिला यह संग्रह लगभग 18.5 किलोग्राम वजनी है और इसमें करीब 700 वस्तुएं तथा टुकड़े हैं। इसका वजन देश में इससे पहले मिले सबसे बड़े भंडार से लगभग तीन गुना है।
मकान मालिक को शुरुआती टुकड़े तब मिले जब वह एक खुले बैठने के स्थान के लिए जमीन तैयार कर रहा था। लगभग 320 वस्तुएं मिट्टी के एक बर्तन के भीतर थीं, जबकि अन्य आसपास बिखरी हुई थीं। भंडार में मुख्यतः चांदी की सिल्लियां और आभूषण हैं, जबकि सिक्के अपेक्षाकृत कम हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ सिल्लियों को वजन के अनुसार समूहों में रखने का तरीका संकेत देता है कि चांदी धन संचित करने और भुगतान करने के व्यावहारिक साधन के रूप में इस्तेमाल होती थी।
सिक्के भंडार की उम्र और डेनमार्क के व्यापक संपर्कों, दोनों के बारे में सुराग देते हैं। एंग्लो-सैक्सन सिक्के एडवर्ड द एल्डर के शासनकाल, 899 से 924 के बीच ढाले गए थे, जबकि अन्य सिक्के इस्लामी दुनिया से आए थे और 10वीं सदी में प्रचलन में थे। ये सिक्के मिलकर दिखाते हैं कि उत्तरी यूटलैंड यूरोप भर में और पूर्व की ओर फैले आर्थिक तथा सांस्कृतिक नेटवर्क का हिस्सा था।
वस्तुओं को मूल्यांकन और आगे के अध्ययन के लिए डेनमार्क के राष्ट्रीय संग्रहालय भेज दिया गया है। चूंकि यह स्थल एक आधुनिक आवासीय इलाके में है, इसलिए व्यापक खुदाई की संभावना कम है। ऐसे में चांदी को दफनाए जाने का कारण अब भी अनसुलझा है।