स्वास्थ्य और उपचार

दोहरी इम्यूनोथेरेपी से मलाशय कैंसर के एक मामले में मिली पूर्ण उपचार प्रतिक्रिया

ताइचुंग के एक 54 वर्षीय व्यक्ति में दोहरी इम्यूनोथेरेपी के चार दौर के बाद दो वर्षों से न तो मलाशय का ट्यूमर मिला है और न ही प्रभावित लसीका ग्रंथियों में कैंसर के घाव मिले हैं। उसका मलाशय और आंतों की कार्यक्षमता भी सुरक्षित बनी हुई है। उसकी चिकित्सा टीम के अनुसार, उपचार की इस पूर्ण प्रतिक्रिया के कारण वह कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी से बच सका।

पुनर्वास उपचार और एक्यूपंक्चर के बावजूद वह चार महीने तक नितंब में अज्ञात कारण से दर्द सहता रहा था। मल त्याग के दौरान रक्तस्राव और परिवार में कैंसर के इतिहास के कारण आखिरकार आगे की जांच कराई गई। डॉक्टरों ने मलाशय के मध्य से निचले हिस्से में तीसरे चरण के कैंसर का निदान किया। कैंसरग्रस्त लसीका ग्रंथियां नसों पर दबाव डाल रही थीं, जिससे दर्द हो रहा था।

बायोमार्कर जांच में दो विशेषताएं मिलीं—उच्च माइक्रोसैटेलाइट अस्थिरता (MSI-high) और डीएनए की गलत जोड़ियों की मरम्मत प्रणाली में कमी—जिनसे संकेत मिला कि ट्यूमर इम्यूनोथेरेपी के प्रति प्रतिक्रिया दे सकता है। विभिन्न विशेषज्ञताओं की संयुक्त समीक्षा के बाद टीम ने शुरुआती उपचार के रूप में PD-1 और CTLA-4 अवरोधकों का उपयोग किया। इसका उद्देश्य बीमारी को नियंत्रित करने के साथ अंगों को सुरक्षित रखना था। बाद की MRI, कोलोनोस्कोपी और रक्त जांच में पाया गया कि मूल ट्यूमर और लसीका ग्रंथियों में कैंसर के घाव गायब हो चुके थे।

यह तरीका केवल उन चुने हुए मरीजों के लिए लागू होता है, जिनमें उपयुक्त बायोमार्कर और नैदानिक विशेषताएं हों। उपचार की पूर्ण प्रतिक्रिया के बाद भी लगातार करीबी निगरानी जरूरी है। यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि मलाशय से रक्तस्राव या मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसे लगातार बने रहने वाले लक्षणों का समय पर चिकित्सकीय आकलन क्यों जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास हो।

स्रोत

  1. UDN莫名屁股痛4個月...54歲男查出3期直腸癌 靠這招腫瘤消失免切肛門
  2. 健康醫療5旬男屁股痛竟是直腸癌 雙免疫治療保肛、2年未復發
  3. TVBS台中男屁股痛4個月竟是確診直腸癌 醫生曝一招保腸保肛

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