
स्वास्थ्य और उपचार
हेपेटाइटिस सी के खिलाफ मिस्र की उपलब्धियां कायम
मिस्र हेपेटाइटिस सी के उन्मूलन की दिशा में विश्व स्वास्थ्य संगठन का स्वर्ण-स्तरीय दर्जा बरकरार रखने वाला पहला देश बन गया है। इससे पुष्टि होती है कि 2023 में पहली बार मान्यता मिलने के बाद भी उसकी प्रगति जारी रही है।
14 अक्टूबर को काहिरा में दिया गया यह प्रमाणपत्र 2023 से 2025 के बीच देश के प्रयासों की WHO द्वारा समीक्षा के बाद प्रदान किया गया। यह उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रगति की मान्यता है, न कि वायरस के समाप्त हो जाने की घोषणा।
इस बदलाव का पैमाना उल्लेखनीय है। 2023 तक मिस्र ने लगभग एक दशक में हेपेटाइटिस सी का प्रसार करीब 10% से घटाकर लगभग 0.38% कर दिया था। 2018 में शुरू हुए उसके “10 करोड़ स्वस्थ जीवन” अभियान के तहत छह करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, लगभग 45 लाख लोगों को स्थानीय स्तर पर बनी दवाओं से मुफ्त उपचार मिला।
मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि 2018 के मुकाबले इस बीमारी से जुड़ी मौतों में 54% की कमी आई है।
इन उपलब्धियों को बनाए रखने के लिए अब हेपेटाइटिस की देखभाल को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनाना जरूरी है। WHO के अनुसार, मिस्र व्यापक जांच अभियानों से आगे बढ़कर अपनी स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर नियमित जांच, निदान, उपचार और रोकथाम पर ध्यान दे रहा है। इन सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और स्वास्थ्य बीमा में शामिल किया जा रहा है। इसमें बेहतर प्रयोगशाला जांच, रोग निगरानी और रक्त तथा इंजेक्शन की सुरक्षा के निरंतर उपायों का सहारा लिया जा रहा है। लक्ष्य है संक्रमणों की पहचान और उपचार जारी रखना तथा बीमारी को दोबारा पैर पसारने से रोकना।