
विज्ञान और खोज
इंग्लैंड के सिक्कों से मध्यकालीन रोम के रोजमर्रा के व्यापार की झलक
वेटिकन के पास मिले 20 एंग्लो-सैक्सन सिक्कों ने मध्यकालीन रोम के अंग्रेज समुदाय वाले इलाके में व्यापार और शिल्पकार्य का पहला पुरातात्विक प्रमाण दिया है।
ये सिक्के पलात्सो देल्ला रोवेरे के चारदीवारी से घिरे बगीचे में खुदाई के दौरान मिले। इनमें चांदी के 19 पेनी और एक हाफपेनी शामिल हैं, जिन्हें 1,000 साल से अधिक पहले इंग्लैंड में ढाला गया था। शोधकर्ताओं ने इनके स्रोत लंदन, केंट और ईस्ट एंग्लिया सहित कई स्थानों तक खोजे।
मध्यकालीन ग्रंथों में स्कोला सैक्सोनम के नाम से जाने जाने वाले अंग्रेज समुदाय का वर्णन था, लेकिन उसके रोजमर्रा के जीवन के भौतिक प्रमाण नहीं मिले थे। सिक्कों के साथ पुरातत्वविदों को चमड़े, हड्डियों और धातुओं से वस्तुएं बनाने के काम के अवशेष भी मिले। इन खोजों से मिलकर एक ऐसे मोहल्ले का संकेत मिलता है जहां लोग सामान बनाते और व्यापार करते थे, न कि तीर्थयात्राओं के दौरान सिर्फ आराम और प्रार्थना करते थे।
इतिहासकार फ्रांचेस्का टिंटी और रोरी नेस्मिथ की व्याख्या है कि ये सिक्के कारीगरों और ग्राहकों से खो गए थे। सिक्कों का विभिन्न स्थानों पर मिलना और चांदी गलाने के प्रमाण का न होना इस विचार का समर्थन करते हैं कि इंग्लैंड की मुद्रा स्थानीय स्तर पर खर्च की जा रही थी। दुर्लभ हाफपेनी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे कम मूल्य के सिक्के छोटे, बार-बार किए जाने वाले भुगतानों से जुड़े थे।
ये निष्कर्ष इस धारणा को भी चुनौती देते हैं कि रोम में विदेशी मुद्रा प्रतिबंधित थी। संभव है कि पोप द्वारा दिए गए विशेष अधिकारों के तहत इंग्लैंड के सिक्के स्थानीय मुद्रा के साथ प्रचलन में रहे हों, हालांकि यह खोज साबित नहीं करती कि कोई औपचारिक अनुमति थी या नहीं।