विज्ञान और खोज

डायनासोर की जीवाश्मीकृत विष्ठा ने प्राचीन पंखों के अध्ययन का नया रास्ता खोला

डायनासोर की 6.6 करोड़ वर्ष पुरानी जीवाश्मीकृत विष्ठा के एक टुकड़े में पक्षी का असाधारण रूप से संरक्षित पंख मिला है। इससे ऐसे विवरण सामने आए हैं जो जीवाश्म अभिलेखों में बहुत कम सुरक्षित रह पाते हैं, और वैज्ञानिकों को प्राचीन कोमल ऊतकों के एक नए स्रोत का संकेत मिला है।

लाल-भूरे रंग का यह जीवाश्म 2016 में मोंटाना के हेल क्रीक भूस्तरीय समूह में मिला था, जिसका व्यापक अध्ययन हो चुका है। नमूने के टूटे हिस्से में एक छोटा पंख दिखाई दे रहा था। यह जीवाश्मीकृत विष्ठा, यानी कॉप्रोलाइट, में पहचाना गया पहला पंख था। बाद में माइक्रो-सीटी स्कैन से इसके भीतर और पंख, पक्षी की छोटी हड्डियां तथा मछली के दो शल्क मिले। कई जीवाश्मों में मिलने वाली चपटी छापों के विपरीत, बाहर दिखाई देने वाला पंख तीन आयामों में संरक्षित है और इसमें अलग-अलग कोशिकाओं के प्रमाण भी मौजूद हैं।

Current Biology में प्रकाशित अध्ययन के शोधकर्ताओं का मानना है कि ये अवशेष हेस्पेरोर्निथिफॉर्म पक्षियों से संबंधित किसी जलीय पक्षी के थे। यह समूह क्रिटेशियस काल के अंत में हुई सामूहिक विलुप्ति के दौरान समाप्त हो गया था। मछली के शल्क संभवतः उस पक्षी के आखिरी भोजन से आए थे, जिसके बाद किसी बड़े मांसाहारी डायनासोर ने पक्षी को ही खा लिया।

टीम ने यह भी पाया कि शरीर के कुछ पंखों में आधुनिक पक्षियों जैसी पूरी तापरोधी संरचना नहीं थी। बेहतर तापरोधन ने संभवतः आज के पक्षियों के पूर्वजों को क्षुद्रग्रह की टक्कर के बाद के ठंडे दौर में जीवित रहने में मदद की होगी। हालांकि, अध्ययन से असंबद्ध विशेषज्ञ जोर देते हैं कि ये टुकड़े अधूरे हैं और अधिक जीवाश्मों की जरूरत है। अधिक ठोस उपलब्धि अध्ययन की पद्धति से जुड़ी है: संग्रहालयों में रखे कॉप्रोलाइट में ऐसे पंख, रोएं और अन्य नाजुक ऊतक छिपे हो सकते हैं, जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया गया है और जिन्हें स्कैनिंग उजागर कर सकती है।

स्रोत

  1. NPRA fossil feather from the age of dinosaurs may explain why only some birds survived
  2. RNZFossilised dinosaur poo contains stunningly preserved feather

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

Current Biology

NPR बताता है कि अध्ययन Current Biology में प्रकाशित हुआ है और साक्षात्कारों पर आधारित अपना विवरण देता है, जिसमें Richard Prum और Julia Clarke की टिप्पणियां शामिल हैं।

Current Biology → ABC News

RNZ बताता है कि अध्ययन Current Biology में प्रकाशित हुआ है और लेख के अंत में स्पष्ट रूप से ABC News को श्रेय देता है।