
विज्ञान और खोज
आनुवंशिक अध्ययन में जाइंट सेल आर्टेराइटिस के चार अलग प्रोफाइल सामने आए
शोधकर्ताओं ने जाइंट सेल आर्टेराइटिस के विभिन्न नैदानिक रूपों से जुड़े पहले आनुवंशिक संकेतकों की पहचान की है। इससे यह बेहतर समझने में मदद मिलती है कि रक्तवाहिकाओं का यह रोग अलग-अलग मरीजों में इतना भिन्न क्यों होता है।
अंतरराष्ट्रीय टीम ने यूरोप और उत्तरी अमेरिका के 10 देशों के लगभग 3,500 मरीजों और इस रोग से मुक्त 15,500 से अधिक लोगों के आनुवंशिक आंकड़ों का विश्लेषण किया। उसे जीनोम के 14 क्षेत्र मिले जो रोग की विशिष्ट अभिव्यक्तियों से जुड़े थे। इनमें सात क्षेत्र एचएलए क्षेत्र के भीतर थे, जिसकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
जाइंट सेल आर्टेराइटिस 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में वास्कुलाइटिस का सबसे आम रूप है। यह मध्यम आकार की और बड़ी धमनियों में सूजन पैदा करता है और रक्त प्रवाह को कम या बाधित कर सकता है। कभी-कभी इससे स्थायी दृष्टि हानि, स्ट्रोक या धमनियों में असामान्य उभार हो सकते हैं।
एक सांख्यिकीय मॉडल का उपयोग करके शोधकर्ताओं ने मरीजों को चार आनुवंशिक प्रोफाइलों में वर्गीकृत किया: मुख्यतः कपाल क्षेत्र में रोग, मिश्रित स्वरूप, मुख्यतः कपाल क्षेत्र के बाहर रोग, और ऐसा समूह जिसमें रक्त प्रवाह सीमित होने से पैदा होने वाली गंभीर जटिलताओं की अधिक प्रवृत्ति थी, जिनमें अपरिवर्तनीय दृष्टि हानि भी शामिल है।
निष्कर्ष संकेत देते हैं कि आनुवंशिकी न केवल इस बात को प्रभावित करती है कि किसी व्यक्ति में रोग विकसित होगा या नहीं, बल्कि यह भी कि वह किस रूप में प्रकट होगा। भविष्य में ये प्रोफाइल चिकित्सकों को उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहले पहचान करने और उनके अनुसार निगरानी या उपचार तय करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि आनुवंशिक जानकारी को नियमित चिकित्सा में शामिल करने से पहले परिणामों की पुष्टि के लिए ऐसे भावी अध्ययन जरूरी हैं जिनमें समय के साथ मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जाए।