
विज्ञान और खोज
विशाल बुलबुलों ने उजागर किया कि एंड्रोमेडा की गैस में हलचल कैसे बनी रहती है
खगोलविदों ने एंड्रोमेडा आकाशगंगा में गैस के 118 विशाल बुलबुलों की पहचान की है। इससे प्रत्यक्ष अवलोकन-आधारित साक्ष्य मिला है कि बार-बार होने वाले तारकीय विस्फोट उसकी गैस में हलचल बनाए रखने के लिए पर्याप्त ऊर्जा दे सकते हैं।
चीन के सिंघुआ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय टीम ने चीन के FAST रेडियो टेलीस्कोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के Karl G. Jansky Very Large Array के अवलोकनों को मिलाया। FAST ने कमजोर संकेत देने वाली, व्यापक रूप से फैली गैस का पता लगाया, जबकि अमेरिकी एरे ने अधिक बारीक विवरण दिखाए। दोनों ने मिलकर शोधकर्ताओं को पुराने, धीरे-धीरे फैलते बुलबुलों की भी पहचान करने में मदद की।
'सुपरबबल' कहलाने वाली ये विशाल गुहाएं विशाल द्रव्यमान वाले तारों की गतिविधियों से बनती हैं, जिनमें उनकी मृत्यु के समय होने वाले सुपरनोवा विस्फोट भी शामिल हैं। अनुमान के मुताबिक, इनमें से कुछ चार करोड़ साल तक से फैल रहे थे।
टीम ने अनुमान लगाया कि बुलबुले आसपास की गैस में कितनी तेजी से ऊर्जा पहुंचाते हैं और इसकी तुलना अशांत गति में ऊर्जा क्षय की दर से की। आकाशगंगा के केंद्र से अलग-अलग दूरियों पर दोनों दरें काफी करीब थीं। इससे इन घुमावदार, अनियमित गतियों को बनाए रखने वाली प्रक्रिया की दशकों पुरानी व्याख्या को समर्थन मिला।
17 सितंबर को Nature Astronomy में प्रकाशित यह अध्ययन उस प्रक्रिया की अधिक स्पष्ट तस्वीर देता है, जो तारों के निर्माण और आकाशगंगाओं के विकास को प्रभावित करती है। लगभग 25 लाख प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एंड्रोमेडा खगोलविदों को पास की एक सर्पिल आकाशगंगा को बाहर से देखने का अवसर भी देती है, जिससे उन्हें अपनी आकाशगंगा मिल्की वे को बेहतर समझने में मदद मिलती है।