
स्वास्थ्य और उपचार
इटली में जीवनरक्षक प्रत्यारोपण के बाद यूनानी छात्रा को अस्पताल से छुट्टी
28 वर्षीय यूनानी छात्रा इरीनी को आपातकालीन यकृत प्रत्यारोपण से जान बचने के बाद ट्यूरिन के मोलिनेटे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उनके इलाज में एक अंगदाता और यूनान तथा इटली की चिकित्सा टीमों का योगदान रहा।
नीदरलैंड में पढ़ने वाली इरीनी यूनान में रहने के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं। विल्सन रोग के कारण उनका यकृत काम करना बंद कर चुका था। यह एक दुर्लभ वंशानुगत बीमारी है, जिसमें शरीर में तांबा जमा होने लगता है। एथेंस के एक अस्पताल में अन्य अंगों के भी काम करना बंद करने के साथ उनकी हालत तेजी से बिगड़ी।
इटली के राष्ट्रीय प्रत्यारोपण केंद्र से मदद की अपील के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद प्रत्यारोपण सहयोग प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया। इरीनी को चिकित्सा विमान से ट्यूरिन पहुंचाया गया। वहां पहुंचने पर वे बेहोश थीं और उन्हें सांस लेने के लिए मशीन की जरूरत थी। इटली के एक नजदीकी क्षेत्र में दान किया गया यकृत उपलब्ध हुआ और भर्ती होने के महज 12 घंटे बाद वे ऑपरेशन थिएटर में थीं। प्रत्यारोपण में लगभग 10 घंटे लगे।
स्वास्थ्य में सुधार तत्काल नहीं हुआ। वे तीन महीने अस्पताल में रहीं, जहां कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने चिकित्सा और शल्यक्रिया संबंधी जटिलताओं का इलाज किया। अब उन्हें छुट्टी मिल चुकी है और वे स्वास्थ्य लाभ जारी रखे हुए हैं। उनके जल्द यूनान लौटने की उम्मीद है। उन्होंने अपनी जान बचाने में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है।