प्रौद्योगिकी और नवाचार

आईवीएफ से जन्म ने भारत के बद्री मवेशियों के संरक्षण की नई राह खोली

प्रयोगशाला में निषेचन के बाद एक स्वस्थ बद्री बछिया का जन्म हुआ है। इससे वैज्ञानिकों को उत्तराखंड के देशज पहाड़ी मवेशियों के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए एक नया, प्रमाणित साधन मिला है। बछिया का जन्म 11 सितंबर को GB Pant University के शैक्षणिक डेयरी फार्म में हुआ। यह करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के साथ तीन वर्ष के सहयोग का परिणाम है।

शोधकर्ताओं ने अंडाणु संग्रह और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन की तकनीक इस्तेमाल की, जिसे OPU-IVF कहा जाता है। उन्होंने अल्ट्रासाउंड के मार्गदर्शन में चुनी हुई बद्री गायों से अंडाणु एकत्र किए, प्रयोगशाला में उन्हें परिपक्व किया और चयनित बद्री सांड के वीर्य से निषेचित किया। फिर बने हुए भ्रूणों को संवर्धित किया गया। एक भ्रूण ऐसी साहीवाल गाय में प्रत्यारोपित किया गया, जिसका प्रजनन चक्र इसके अनुरूप समकालिक किया गया था। इस गाय ने गर्भ धारण किया और स्वस्थ बछिया को जन्म दिया। चूंकि अंडाणु और वीर्य, दोनों बद्री मवेशियों से लिए गए थे, इसलिए गर्भ धारण करने वाली गाय की अलग नस्ल होने से बछिया की आनुवंशिक पहचान नहीं बदली।

कार्यक्रम 2023 में उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से शुरू हुआ था। वैज्ञानिकों को अन्य नस्लों के लिए विकसित प्रक्रियाएं ज्यों की त्यों इस्तेमाल करने के बजाय हर चरण को बद्री मवेशियों के अनुरूप ढालना पड़ा। उन्होंने उनकी प्रजनन प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया और अंडाणु संग्रह, भ्रूण संवर्धन तथा प्रत्यारोपण की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाया। सफल जन्म दिखाता है कि विशेष रूप से मूल्यवान मादा मवेशियों से संभावित रूप से कई भ्रूण बनाए जा सकते हैं, जिससे उपयोगी आनुवंशिक गुणों का तेजी से प्रसार हो सकता है। यह व्यापक संरक्षण और नस्ल सुधार कार्यक्रम की शुरुआती नींव है, अपने आप में आबादी की बहाली की गारंटी नहीं।

स्रोत

  1. The TribuneHow OPU-IVF tech is helping conserve Uttarakhand's indigenous Badri cattle - The Tribune
  2. @businesslineNDRI, G B Pant University produce first Badri cattle calf using IVF technology
  3. Asianet News Network Pvt LtdBadri Calf Born Via IVF: A Breakthrough in Indigenous Breed Conservation

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

Unknown

The Tribune कुछ व्याख्याओं का श्रेय वैज्ञानिकों और परियोजना टीम को देता है, लेकिन लेख से यह स्पष्ट नहीं होता कि उसने उन्हें सीधे प्राप्त किया या किसी मध्यस्थ के जरिए; इसलिए उसकी पूर्ववर्ती स्रोत-श्रृंखला अज्ञात है।

Ministry of Agriculture

BusinessLine जन्म, अपेक्षित दूसरे प्रसव और क्लोनिंग कार्य की जानकारी का श्रेय बार-बार कृषि मंत्रालय या उसके बयान को देता है।

Ministry of Agriculture and Farmers Welfare → ANI

Asianet Newsable बताता है कि जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार है, ANI को श्रेय देता है और कहता है कि सिंडिकेटेड खबर में उसके कर्मचारियों ने शीर्षक के अलावा कोई संपादन नहीं किया।