
स्वास्थ्य और उपचार
जापान में स्टेम सेल से बनी हृदय की पट्टियों का उपचार सार्वजनिक बीमा के दायरे में आया
गंभीर हृदय विफलता से पीड़ित एक महिला को जापान में सार्वजनिक बीमा के तहत स्टेम सेल से विकसित हृदय की मांसपेशियों की पट्टियों का पहला प्रत्यारोपण किया गया है। सशर्त मंजूरी के तहत यह उपचार अब शोध परीक्षणों से आगे बढ़ गया है।
50 से 59 वर्ष की आयु वाली मरीज की हालत 29 सितंबर को Osaka Keisatsu Hospital में ऑपरेशन के बाद स्थिर थी। उपचार से उनके हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होगा या नहीं, यह अभी देखना बाकी है।
RiHeart नाम की इन पट्टियों में प्रेरित बहुक्षमताशील स्टेम कोशिकाओं, यानी iPS कोशिकाओं से विकसित हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाएँ होती हैं। iPS कोशिकाएँ ऐसी परिपक्व कोशिकाएँ होती हैं जिन्हें कई अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं में विकसित होने के लिए पुनः प्रोग्राम किया जाता है। हृदय की सतह पर लगाई जाने वाली इन पट्टियों का उद्देश्य नई रक्त वाहिकाओं के विकास को बढ़ावा देना और हृदय की कार्यक्षमता सुधारना है। यह उपचार रक्त की सीमित आपूर्ति से उत्पन्न गंभीर हृदय विफलता के लिए है, जब मौजूदा उपचारों से पर्याप्त मदद नहीं मिली हो।
जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आठ मरीजों के परीक्षण में सभी के लक्षणों में राहत मिली। लेकिन साक्ष्य अभी सीमित हैं। पूर्ण मंजूरी हासिल करने के लिए विकासकर्ता Cuorips को 2033 तक प्रभावशीलता और सुरक्षा के और साक्ष्य जुटाने होंगे। इसके लिए 75 मरीजों के उपचार की योजना है।
सार्वजनिक बीमा कवरेज 1 सितंबर से शुरू हुआ। RiHeart की लागत प्रति मरीज 5 करोड़ 32 लाख येन है, लेकिन जापान की उच्च-लागत चिकित्सा व्यय प्रणाली मरीजों के अपनी जेब से किए जाने वाले भुगतान की अधिकतम सीमा तय करती है।