
फलती-फूलती प्रकृति
लगभग एक दशक बाद पनामा के प्रशांत तट पर अंडे देने लौटे लेदरबैक कछुए
लगभग एक दशक तक किसी पुष्ट रिकॉर्ड के अभाव के बाद लेदरबैक कछुए पनामा के प्रशांत तट पर अंडे देने लौटे हैं। पनामा के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, इस मौसम में दारिएन प्रांत के जाके के पास स्थित एक दुर्गम समुद्र तट, एल फोंदियादेरितो, पर अंडे देने की तीन घटनाएं दर्ज की गईं। देश के प्रशांत तट पर इससे पहले अंडे देने का आखिरी पुष्ट रिकॉर्ड 2017 में वेरागुआस से आया था।
निवासियों, समुद्री कछुओं और जैव विविधता की रक्षा करने वाले एक स्थानीय समूह के सदस्यों तथा मंत्रालय के संरक्षण कर्मचारियों ने 178 अंडों को एक ऊष्मायन नर्सरी में स्थानांतरित किया। इस कदम का उद्देश्य परभक्षियों और तट के कटाव से होने वाले जोखिम घटाना है। सितंबर या अक्टूबर में अंडों से बच्चे निकलने की उम्मीद है, हालांकि यह परिणाम अभी सुनिश्चित नहीं है।
लेदरबैक दुनिया के सबसे बड़े समुद्री कछुए हैं और उन्हें गंभीर रूप से संकटग्रस्त माना जाता है। पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत के कुछ हिस्सों में 1980 के दशक से उनकी आबादी 95 प्रतिशत से अधिक घट चुकी है। पनामा के एक अधिकारी ने अनुमान लगाया कि पूरे क्षेत्र में अंडे देने वाली 500 से भी कम वयस्क मादाएं बची हैं। इन कछुओं पर मछली पकड़ने के दौरान अनजाने में फंसने, अंडों वाले घोंसले हटाए जाने, समुद्री प्रदूषण, तटीय विकास और जलवायु संबंधी कारणों से अंडे देने वाले तटों में बदलाव जैसे दबाव हैं।
इसलिए दारिएन के ये रिकॉर्ड उत्साहजनक होने के साथ-साथ वैज्ञानिक रूप से भी मूल्यवान हैं। अंडों की सुरक्षा से इस मौसम में प्रजनन की सफलता की संभावना बेहतर होती है। वहीं, स्थल की निगरानी से संरक्षण दल समझ सकते हैं कि क्या लेदरबैक फिर से पनामा के प्रशांत समुद्र तटों का उपयोग शुरू कर रहे हैं।