
स्वास्थ्य और उपचार
इंग्लैंड के हर आपातकालीन विभाग में Martha’s Rule लागू करने की शुरुआत
इंग्लैंड के आपातकालीन विभागों में Martha’s Rule के परीक्षण के दौरान चिंताएं उठाए जाने पर कुछ मरीजों की तत्काल सर्जरी की गई या उन्हें गहन देखभाल इकाई में भेजा गया। NHS अब इस व्यवस्था को प्रतीक्षालयों समेत हर आपातकालीन विभाग तक बढ़ा रहा है।
आठ महीने के प्रायोगिक कार्यक्रम में सात NHS ट्रस्टों में 69 कॉल दर्ज की गईं। इस व्यवस्था के तहत मरीजों, उनके प्रियजनों और कर्मचारियों को एक विशेष फोन नंबर दिया जाता है, जिस पर वे तब कॉल कर सकते हैं जब किसी की हालत बिगड़ रही हो और उन्हें लगे कि उनकी चिंताओं को सुना नहीं जा रहा है। कॉल किए जाने पर एक अलग चिकित्सा टीम तत्काल आकलन कर सकती है।
इस नियम का नाम मार्था मिल्स के नाम पर रखा गया है, जिनकी 2021 में 13 वर्ष की उम्र में सेप्सिस होने के बाद मृत्यु हो गई थी। सेप्सिस संक्रमण के प्रति शरीर की एक खतरनाक प्रतिक्रिया है। अपनी चिंताओं की अनदेखी होने के बाद उनके माता-पिता ने बदलाव के लिए अभियान चलाया। मृत्यु की जांच करने वाले अधिकारी ने पाया कि यदि उन्हें पहले गहन देखभाल इकाई में भेजा गया होता और उचित उपचार मिला होता, तो संभवतः उनकी जान बच जाती।
आपातकालीन विभागों में चरणबद्ध विस्तार सितंबर 2026 में शुरू होगा और मार्च 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह भर्ती मरीजों के वार्डों में लागू की जा रही व्यवस्था का विस्तार है, जहां कॉल के बाद उपचार में बदलाव और संभावित रूप से जीवन बचाने वाले चिकित्सकीय हस्तक्षेप पहले ही किए जा चुके हैं।
यह सेवा तुरंत हर जगह उपलब्ध नहीं होगी। मरीज और परिवार अपने स्थानीय अस्पताल की वेबसाइट देख सकते हैं या कर्मचारियों से पूछ सकते हैं कि वहां Martha’s Rule लागू है या नहीं।