प्रौद्योगिकी और नवाचार

नई लेजर प्रणाली सुपरकंडक्टिंग टेप को काटे बिना उसका मापन करती है

दक्षिण कोरिया के एक शोध दल ने ऐसी संपर्क-रहित प्रणाली विकसित की है जो उच्च-तापमान सुपरकंडक्टिंग टेप की मोटाई, चौड़ाई और त्रिआयामी आकार को लगातार मापती है। परीक्षणों में टेप के 100 मीटर प्रति घंटे की गति से चलने के दौरान मापन त्रुटि ±1.5 माइक्रोमीटर के भीतर रही। सेंसर के धीमी गति से चलने पर बार-बार किए गए मापों में अंतर 0.2 माइक्रोमीटर से अधिक नहीं था।

यह टेप केवल कुछ दसियों माइक्रोमीटर मोटा और 4 से 12 मिलीमीटर चौड़ा होता है, लेकिन इसकी लंबाई सैकड़ों मीटर हो सकती है। एक निश्चित तापमान से नीचे यह बिना प्रतिरोध के बड़ी विद्युत धाराएं प्रवाहित करता है। इसकी सैकड़ों परतों को एक साथ लपेटकर संलयन उपकरणों, MRI स्कैनरों और दक्ष विद्युत उपकरणों के लिए शक्तिशाली चुंबक बनाए जाते हैं।

छोटे अंतर भी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि मोटाई की त्रुटियां इन परतों में जुड़ती जा सकती हैं। इससे चुंबक का आकार बिगड़ सकता है, यांत्रिक तनाव किसी स्थान पर केंद्रित हो सकता है या उसका चुंबकीय क्षेत्र अस्थिर हो सकता है। संपर्क वाले सेंसर से टेप पर खरोंच पड़ने या उसके दूषित होने का जोखिम रहता है, जबकि पहले की संपर्क-रहित विधियों को कंपन से निपटने में कठिनाई होती थी। इसलिए विस्तृत जांच के लिए सूक्ष्मदर्शी परीक्षण हेतु नमूने काटने पड़ सकते थे।

नई प्रणाली में टेप रीलों के बीच से गुजरता है और आमने-सामने लगे कॉन्फोकल लेजर सेंसर उसकी दोनों सतहों को स्कैन करते हैं। वास्तविक समय में तनाव का नियंत्रण, गति में सुधार और मापन में अनचाहे संकेतों को छांटने वाला सॉफ्टवेयर चलती सामग्री को स्थिर रखते हैं और उसे नुकसान पहुंचाए बिना निरंतर त्रिआयामी नक्शा तैयार करते हैं।

इससे संबंधित तीन अध्ययन 2024 से 2026 के बीच प्रकाशित हुए। यह तरीका बैटरी की पन्नियों, रोलिंग से तैयार धातुओं, पतली परत वाली सौर कोशिकाओं और उच्च परिशुद्धता वाली इलेक्ट्रॉनिक फिल्मों की जांच में भी इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि, उत्पादन लाइन पर इस्तेमाल के लिए प्रत्येक सामग्री के अनुरूप अनुकूलन और दीर्घकालिक विश्वसनीयता परीक्षण जरूरी होंगे।

स्रोत

  1. 연합뉴스전기연, '고온초전도 선재' 두께·폭 정밀 연속측정 시스템 개발
  2. dongascience.com'꿈의 소재' 초전도 선재 정밀·연속 측정하는 비접촉 기술
  3. 에너지신문초전도 선재 미세 오차, 자르지 않고 3D로 잡아낸다

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

한국전기연구원 (KERI)

연합뉴스, 동아사이언스 और 에너지신문, तीनों स्पष्ट रूप से कहते हैं कि KERI ने इस प्रणाली की घोषणा की और तकनीकी निष्कर्षों का स्रोत संस्थान या उसके शोधकर्ताओं को बताते हैं।