
फलती-फूलती प्रकृति
500 से अधिक वर्षों में नॉरफोक में जन्मे पहले जंगली बीवर शावक फल-फूल रहे हैं
फेकनहम के पास पेनस्थोर्प प्रकृति अभयारण्य में बीवर के दो शावक प्राकृतिक वातावरण में बड़े हो रहे हैं। नॉरफोक में 500 से अधिक वर्षों में इस प्रजाति के प्राकृतिक वातावरण में जन्म लेने का यह पहला ज्ञात मामला है। कैमरा ट्रैप की फुटेज ने पुष्टि की कि ये शावक अभयारण्य की आर्द्रभूमि के एक एकांत हिस्से में पहले से रह रहे एक जोड़े के साथ रह रहे हैं।
यह खोज पिछले साल एक बीवर के आने के बाद हुई, जिसे कर्मचारियों ने शुरू में अकेला माना था। बाद की फुटेज में एक दूसरा वयस्क और वेनसम नदी के किनारे एक बड़ा बसेरा दिखाई दिया। दोनों वयस्क कहां से आए, यह अब भी अज्ञात है और पेनस्थोर्प का कहना है कि उसने उन्हें वहां नहीं छोड़ा था।
सदियों पहले शिकार के कारण ब्रिटेन में बीवर विलुप्त हो गए थे, लेकिन लाइसेंस के तहत उन्हें फिर से बसाने के प्रयासों और स्वतंत्र रूप से रहने वाली आबादियों ने इस देशज प्रजाति को इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में वापस स्थापित करना शुरू कर दिया है। पेनस्थोर्प में शुरुआती निगरानी से संकेत मिलता है कि ये जीव चुनिंदा पेड़ों को काट-कुतरकर, वृक्षों की छतरी में खुली जगह बनाकर और रेत तथा बजरी वाले हिस्सों को उजागर करके अपने आसपास के वातावरण को पहले ही बदल रहे हैं। ऐसे बदलाव आर्द्रभूमि आवासों में अधिक रोशनी और विविधता ला सकते हैं।
इस परिवार की दूर से निगरानी की जा रही है और व्यवधान कम रखने के लिए उसका सटीक स्थान गोपनीय रखा गया है। अभयारण्य दीर्घकालिक योजना पर Natural England, संरक्षण विशेषज्ञों और पड़ोसी भूमि प्रबंधकों के साथ भी काम कर रहा है। आगे की एक चुनौती पर्याप्त आनुवंशिक विविधता सुनिश्चित करना है, ताकि बीवर इस नदी तंत्र में टिकाऊ आबादी स्थापित कर सकें।