
फलती-फूलती प्रकृति
कभी सिर्फ पांच बचे थे, अब ब्लैक रॉबिन बना न्यूज़ीलैंड का ‘बर्ड ऑफ द ईयर’
कभी ब्लैक रॉबिन की संख्या घटकर पांच रह गई थी, जिनमें प्रजनन करने वाला सिर्फ एक जोड़ा था। अब इसके लगभग 350 वयस्क पक्षी हैं। 2026 में न्यूज़ीलैंड की ‘बर्ड ऑफ द ईयर’ प्रतियोगिता में इसकी पहली जीत ने संरक्षण के जरिए हुई इस वापसी को सुर्खियों में ला दिया है।
केवल चैथम द्वीपों में पाया जाने वाला काले पंखों का यह छोटा पक्षी आवास नष्ट होने और बाहर से लाए गए नुकसानदेह जीवों के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ था। ये द्वीप न्यूज़ीलैंड की मुख्यभूमि से लगभग 800 किलोमीटर पूर्व में हैं। इसकी आबादी की बहाली द्वीप समुदाय और वन्यजीव अधिकारियों के प्रयासों पर निर्भर रही। इनमें एक प्रजनन कार्यक्रम भी शामिल था, जिसमें दूसरी पक्षी प्रजातियों को इसके अंडों को सेने और बच्चों को पालने की जिम्मेदारी दी गई।
देश के मूल पक्षियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संरक्षण समूह Forest & Bird द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में ब्लैक रॉबिन ने काकापो और न्यूज़ीलैंड के एकमात्र फाल्कन, कारेआरेआ, को पीछे छोड़ा।
फिर भी ब्लैक रॉबिन पर खतरा बना हुआ है। नुकसानदेह जीवों से मुक्त इसके दोनों द्वीपीय संरक्षित क्षेत्र अपनी क्षमता के करीब पहुंच चुके हैं और अधिक पक्षियों के लिए उपयुक्त क्षेत्र बहुत कम बचा है। संरक्षणवादियों का कहना है कि संख्या बढ़ती रहे, इसके लिए किसी अन्य द्वीप पर तीसरी आबादी बसाना जरूरी है।
चैथम आइलैंड्स लैंडस्केप रेस्टोरेशन ट्रस्ट पिट द्वीप से जंगली हो चुकी बिल्लियों को हटाने का काम कर रहा है। ये बिल्लियां ब्लैक रॉबिन की प्रमुख शिकारी हैं। इस प्रयास से प्रजाति को अधिक सुरक्षित आवास मिल सकता है और इसकी उल्लेखनीय, लेकिन अभी अधूरी, वापसी का अगला अध्याय शुरू हो सकता है।