
विज्ञान और खोज
भूजल की बहाली के साथ ओसाका की जमीन फिर ऊपर उठ रही है
जापान के ओसाका में भूजल भंडार की बहाली के साथ जमीन फिर ऊपर उठ रही है। इससे संकेत मिलता है कि कुछ शहर अत्यधिक पानी निकालने से हुए भू-धंसाव को उलट सकते हैं। एक नए अध्ययन में वृहत्तर ओसाका की जमीन में औसतन लगभग चार मिलीमीटर सालाना की उठान मापी गई। कुछ जगहों पर यह दर 12 मिलीमीटर तक पहुँची।
दशकों तक भारी मात्रा में भूजल निकाले जाने से शहर के कुछ हिस्सों की जमीन कई मीटर धंस गई थी। 1960 के दशक की शुरुआत में लागू कड़े नियमों से भूमिगत जल भंडार धीरे-धीरे बहाल होने लगे। इस पर जमीन की प्रतिक्रिया की पड़ताल के लिए शोधकर्ताओं ने 44 निगरानी कुओं के 1985 से उपलब्ध रिकॉर्ड को जमीन की ऊँचाई में बदलाव के सटीक उपग्रह मापों के साथ जोड़ा।
यह बहाली सभी जगह एक जैसी नहीं थी। जहाँ भूजल स्तर सबसे तेजी से बढ़ा, वहाँ जमीन भी आम तौर पर सबसे तेजी से उठी। जमीन की गति में तीखे अंतर ज्ञात भूवैज्ञानिक भ्रंशों की सीमाओं से निकटता से मेल खाते थे। पृथ्वी की भूपर्पटी में मौजूद ये दरारें भूमिगत बाँधों की तरह काम कर सकती हैं और पानी के क्षैतिज प्रवाह को रोक सकती हैं। ओसाका के उएमाची भ्रंश के एक ओर भूजल स्तर दूसरी ओर की तुलना में तीन गुना तेजी से बढ़ा।
ये निष्कर्ष तटीय शहरों के लिए एक अवसर दिखाते हैं, हालांकि यह हर जगह लागू होने वाला समाधान नहीं है। जहाँ अत्यधिक भूजल दोहन जमीन धंसने में योगदान देता है, वहाँ पानी निकालना कम करने और भंडार बहाल होने देने से यह गति धीमी हो सकती है या कभी-कभी उलट भी सकती है। इस असमान प्रतिक्रिया को समझना भी जरूरी है: पड़ोसी इलाकों की जमीन अलग-अलग दर से ऊपर या नीचे जाने पर सड़कों, पाइपों और इमारतों पर तनाव पड़ सकता है।