
स्वास्थ्य और उपचार
पीसा की टीम ने न्यूनतम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया से हृदय का 27 वर्ष पुराना संक्रमित तार निकाला
पीसा की एक बहुविषयक टीम ने 27 वर्षीय महिला के शरीर में गहराई तक जमी संक्रमित कार्डियक पेसिंग प्रणाली को सफलतापूर्वक हटाकर उसकी जगह तार-रहित, दो-कक्षीय पेसमेकर लगाया है। लगभग छह घंटे की इस न्यूनतम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया ने उसे रोगमुक्ति का उपचार विकल्प दिया। इससे पहले अन्य केंद्रों ने सर्जरी को बेहद जोखिमपूर्ण माना था और लगातार एंटीबायोटिक देना अस्थायी रूप से राहत पहुंचाने की रणनीति के रूप में अपनाया गया था।
महिला को डाउन सिंड्रोम और जन्मजात हृदय रोग है। उसे पहला पेसमेकर तीन महीने की उम्र में लगाया गया था। 2025 के अंत में इस प्रणाली में स्यूडोमोनास एरुगिनोसा का गंभीर संक्रमण हो गया। इसका मुख्य तार निकालना विशेष रूप से कठिन था: वह 27 वर्षों से लगा हुआ था, पहले काटा जा चुका था और ऊतकों तथा रक्तवाहिकाओं में मजबूती से जड़ चुका था। सांस लेने और एनेस्थीसिया से जुड़े उसके जोखिमों ने चुनौती और बढ़ा दी।
हृदय रोग, हृदय शल्य चिकित्सा और एनेस्थीसिया के विशेषज्ञों ने मामले की समीक्षा के बाद पारंपरिक हृदय सर्जरी के बजाय पूरी तरह न्यूनतम चीर-फाड़ वाली रणनीति चुनी। स्थानीय रूप से विकसित “Pisa Approach” का इस्तेमाल करते हुए चिकित्सकों ने गले की जुगुलर नस के रास्ते यांत्रिक डाइलेटर पहुंचाए और पुराने तार को अलग करके निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने उसी रास्ते से नया तार-रहित उपकरण लगाया और एक दूसरा उपकरण भी हटाया। मरीज बिना किसी जटिलता के होश में आई, ऑपरेशन के बाद उसका स्वास्थ्य लाभ सामान्य रूप से हुआ और वह एंटीबायोटिक उपचार पूरा करने के लिए अपने मूल केंद्र लौट गई।
स्रोत
- gonews.itPacemaker infetto, dalla perdita di speranza alla cura: l'Aritmologia dell'Aoup applica con successo il 'Pisa approach' in un caso di eccezionale complessità
- Il TirrenoPacemaker infetto, 27enne giudicata inoperabile: salvata a Cisanello col "Pisa Approach" - Come funziona la tecnica mini-invasiva copiata in tutto il mondo Il Tirreno
- Il Corriere della SeraIl pacemaker è infetto, 27enne con sindrome di Down curata con l'innovativo "Pisa approach": era stata giudicata inoperabile