
फलती-फूलती प्रकृति
सेशेल्स का संरक्षित प्रवालद्वीप लगभग 1,83,000 विशालकाय कछुओं का आश्रय
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि सेशेल्स के अल्डाब्रा प्रवालद्वीप पर अनुमानित 1,83,000 वयस्क और वयस्कता के करीब पहुंचे विशालकाय कछुए रहते हैं। ये नतीजे उन जीवों की आबादी में टिकाऊ बहाली के नए प्रमाण देते हैं, जिन्हें कभी शिकार के कारण विलुप्ति के कगार पर पहुंचा दिया गया था।
सेशेल्स आइलैंड्स फाउंडेशन और एक्सेटर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 2018 से 2022 के बीच जुटाए गए पांच वर्षों के निगरानी आंकड़ों का विश्लेषण किया। Ecology and Evolution में प्रकाशित उनके निष्कर्ष बताते हैं कि इस अवधि में कछुओं की आबादी अपेक्षाकृत स्थिर रही।
अल्डाब्रा के अतीत से यह स्थिति बिल्कुल अलग है। अत्यधिक दोहन के कारण 19वीं सदी में वहां कछुओं की संख्या 1,000 से भी कम रह गई थी। लंबे समय तक संरक्षण ने इस गिरावट को पलटने में मदद की। प्रवालद्वीप को 1981 में कड़े संरक्षण वाला प्राकृतिक अभयारण्य और अगले वर्ष यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
नया अनुमान इस प्रजाति के लिए अब तक दर्ज सबसे अधिक संख्या है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि 1990 के दशक के अंत के व्यापक रूप से उद्धृत 1,00,000 के अनुमान के बाद से संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। पहले के सर्वेक्षणों में वनस्पति या छाया में छिपे जीव गिनती से छूट जाते थे। इस अध्ययन में दिखाई न देने वाले कछुओं को भी गणना में शामिल करने के लिए सांख्यिकीय तरीकों का इस्तेमाल किया गया, जिससे अधिक विश्वसनीय तस्वीर सामने आई।
खतरे अब भी बने हुए हैं: अधिक गंभीर होते सूखे से भोजन और छाया घट सकती है, समुद्र का बढ़ता स्तर निचले आवासों के लिए खतरा है और बाहर से लाई गई बिल्लियां तथा चूहे अंडों और नवजात कछुओं का शिकार करते हैं। बेहतर अनुमान संरक्षण दलों को बदलावों पर नजर रखने और उभरते दबावों पर समय रहते कार्रवाई करने के लिए अधिक ठोस शुरुआती आधार देता है।