
स्वास्थ्य और उपचार
पुग्लिया में नवजात जांच से बच्ची के प्रतिरक्षा विकार का समय रहते पता चला, प्रत्यारोपण संभव हुआ
दक्षिणी इटली में एक बच्ची में जन्म के महज 17 दिन बाद गंभीर संयुक्त प्रतिरक्षा न्यूनता, यानी SCID, का पता चला। इससे डॉक्टर किसी गंभीर संक्रमण के विकसित होने से पहले स्टेम सेल प्रत्यारोपण की व्यवस्था कर सके।
सितंबर 2025 में मार्टिना फ्रांका में जन्मी विट्टोरिया स्वस्थ दिखती थी और उसमें कोई लक्षण नहीं थे। उसके माता-पिता ने उसे विस्तारित नवजात जांच और क्षेत्रीय Genoma-Puglia कार्यक्रम, दोनों में शामिल कराया था। बारी के दो अस्पतालों में हुई जांच में इस दुर्लभ आनुवंशिक विकार की पहचान हुई, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहद कमजोर कर देता है और सामान्य संक्रमण को भी जानलेवा बना सकता है।
निदान के बाद विट्टोरिया की देखभाल जियोवानी XXIII बाल अस्पताल में हुई और उसे रोम के बाम्बिनो जेसू बाल अस्पताल भेजा गया। वहां उसकी बहन द्वारा दान की गई रक्त बनाने वाली स्टेम कोशिकाओं का प्रत्यारोपण किया गया। अब लगभग एक वर्ष की हो चुकी विट्टोरिया जांच, जीनोमिक विश्लेषण और उपचार के तेजी से पूरे हुए क्रम के बाद भविष्य की ओर देख सकती है।
Genoma-Puglia की शुरुआत एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में हुई थी। 2023 के एक कानून के तहत यह एक व्यवस्थित क्षेत्रीय सेवा बन गया, जिसमें पुग्लिया की सभी 24 नवजात इकाइयां शामिल हैं। इसमें नवजात की एड़ी से लिए गए रक्त और 433 जीनों को शामिल करने वाले निदान पैनल का इस्तेमाल होता है। मई 2026 में प्रस्तुत क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार, 27,000 से अधिक शिशुओं की जीनोमिक जांच हो चुकी थी और भागीदारी 90% से अधिक थी। संदिग्ध निष्कर्ष मिलने पर आगे की जांच जरूरी होती है, क्योंकि पाया गया हर आनुवंशिक बदलाव यह नहीं दर्शाता कि बच्चे को कोई बीमारी है।
स्रोत
- ANSA.itUna neonata salvata con un trapianto dopo uno screening precoce previsto in Puglia - Notizie
- la RepubblicaSalvata a 17 giorni di vita da una malattia rara grazie allo screening: "Ora potrà essere curata
- Periodico DailyLa storia di Vittoria, una diagnosi a 17 giorni e un trapianto che le salva la vita Periodico Daily
- MondosanitàVittoria sembrava sana: a 17 giorni scoperta la malattia che poteva ucciderla