
विज्ञान और खोज
क्वांटम प्रयोग में 100 क्यूबिट की प्रणाली को अव्यवस्था से व्यवस्थित अवस्था में लाया गया
रटगर्स विश्वविद्यालय, IBM और सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने जानबूझकर अव्यवस्थित बनाई गई एक क्वांटम प्रणाली को व्यवस्थित अवस्था की ओर मोड़ा है। इसमें क्वांटम कंप्यूटर की मूल इकाइयों, यानी क्यूबिट, की संख्या 100 तक थी। उन्होंने प्रोसेसर के चलते रहने के दौरान बार-बार मापन और फीडबैक का प्रदर्शन किया और अधिक भरोसेमंद मशीनों के लिए एक अहम क्षमता को परखा।
9 अक्टूबर को Nature Physics में प्रकाशित अध्ययन में IBM के Quantum Heron प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया। टीम ने बारी-बारी से ऐसे संचालन किए जो पड़ोसी क्यूबिटों के बीच सूचना को अव्यवस्थित करते थे, और ऐसे मापन किए जिनके बाद रीसेट कर चुने गए क्यूबिटों को एक तय अवस्था की ओर धकेला गया। सबसे बड़े सर्किटों में क्यूबिटों के जोड़ों को जोड़ने वाले करीब 5,000 संचालन और लगभग 5,000 रीसेट शामिल थे।
जब सूचना को अव्यवस्थित करने वाले संचालन हावी रहे, तो प्रणाली अव्यवस्थित बनी रही। नियंत्रण संबंधी संचालन पर्याप्त बार होने लगे, तो वह अचानक व्यवस्थित अवस्था की ओर मुड़ गई। शोधकर्ताओं ने जैसे-जैसे बड़ी प्रणालियों का परीक्षण किया, यह संक्रमण और स्पष्ट होता गया, जो उनके सैद्धांतिक पूर्वानुमानों से मेल खाता था।
यह अंतर अहम है: यह अभी किसी गणना की रक्षा करने वाले त्रुटि-सुधार का प्रदर्शन नहीं था। क्यूबिटों को किसी चुनी हुई अवस्था में रीसेट करना उपयोगी क्वांटम सूचना को सुरक्षित रखने से अलग है। यह सूचना हस्तक्षेप और अपूर्ण संचालन से आसानी से प्रभावित हो जाती है।
प्रयोग ने यह दिखाया कि मौजूदा हार्डवेयर एक काफी बड़ी क्वांटम प्रणाली में हजारों संचालन, मापन और रीसेट का समन्वय कर सकता है। इस फीडबैक क्षमता को पूरी गणना के दौरान सूचना सुरक्षित रखने वाली विधियों के साथ जोड़ना भविष्य के शोध का काम बना हुआ है।