
विज्ञान और खोज
चंद्रमा पर दुर्लभ क्रेटर की खोज भविष्य के ठिकानों की सुरक्षा में मदद कर सकती है
वैज्ञानिकों ने सौरमंडल में हाल के समय में बना अब तक ज्ञात सबसे बड़ा टक्कर-जनित क्रेटर खोजा है। इससे भविष्य के चंद्र अभियानों को एक दुर्लभ खतरे का असाधारण रूप से स्पष्ट रिकॉर्ड मिला है। McGetchin क्रेटर लगभग 222 मीटर चौड़ा और 43 मीटर तक गहरा है तथा इसकी दीवारें खड़ी हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि चंद्रमा पर इस स्तर की टक्कर लगभग हर 132 वर्ष में एक बार होती है।
NASA के Lunar Reconnaissance Orbiter की तस्वीरों से संकेत मिलता है कि यह क्रेटर चंद्रमा के पृथ्वी की ओर वाले हिस्से में 11 अप्रैल से 22 मई, 2024 के बीच बना था। उस दौरान क्षुद्रग्रह या धूमकेतु का एक टुकड़ा सतह से टकराया, जिसका आकार अनुमानतः तीन से छह मंजिला इमारत जितना था। टक्कर के समय उसका पता नहीं चला। अगस्त 2025 में एक शोधकर्ता ने अंतरिक्ष यान के आंकड़ों में पहली बार चमकीला धब्बा और उसके आसपास गहरा घेरा देखा। बाद की तस्वीरों और विश्लेषण से खोज की पुष्टि हुई।
टक्कर ने 106 किलोमीटर से अधिक के विस्तार में सतह को प्रभावित किया और लगभग 6.4 किलोमीटर चौड़ा ठंडा क्षेत्र बनाया, जो चंद्रमा की मिट्टी के ढीला होने के अनुरूप है। ये अवलोकन यह अध्ययन करने का दुर्लभ अवसर देते हैं कि टक्करें सामग्री को कैसे खोदकर बाहर निकालती और दोबारा फैलाती हैं।
इनसे मानवयुक्त अन्वेषण के लिए व्यावहारिक साक्ष्य भी मिलते हैं। आने वाले मलबे को धीमा करने या जलाने के लिए बहुत कम वायुमंडल होने के कारण चंद्रमा टक्करों के प्रति असुरक्षित बना रहता है। शोधकर्ता अब यह अनुमान लगाने की योजना बना रहे हैं कि क्रेटरों से उछली सामग्री भविष्य के किसी ठिकाने को कैसे प्रभावित कर सकती है। इससे इंजीनियरों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि उसकी संरचनाओं को कितनी मजबूत सुरक्षा दी जानी चाहिए।