
स्वास्थ्य और उपचार
दूरस्थ निगरानी से तीन वर्षीय बच्चे में गंभीर हृदय-अतालता का पता चला, पेसमेकर उपचार की राह खुली
हृदय की दूरस्थ निगरानी से नेपल्स के डॉक्टरों को तीन वर्षीय बच्चे के अज्ञात कारणों से बेहोश होने की वजह पहचानने और उसे लक्षित उपचार देने में मदद मिली है। तीन महीने पहले सांताबोनो बाल अस्पताल में प्रत्यारोपित एक लूप रिकॉर्डर उसके हृदय की विद्युत गतिविधि को लगातार दर्ज कर रहा था। इसने 25 सेकंड की एसिस्टोली की घटना दर्ज की, जिसमें प्रभावी विद्युत गतिविधि अस्थायी रूप से बंद हो जाती है, और टेलीमेडिसिन प्रणाली के जरिए यह रिकॉर्डिंग उसकी उपचार टीम को उपलब्ध कराई।
बीच-बीच में होने वाली हृदय की लय संबंधी समस्याएं अस्पताल में थोड़े समय की जांच के दौरान सामने नहीं भी आ सकती हैं। ऐसे में इस रिकॉर्डिंग ने वह प्रमाण दिया जो डॉक्टरों के पास पहले नहीं था। सांताबोनो की टीम बेहोशी की घटनाओं को हृदय की लय में गंभीर गड़बड़ी से जोड़ सकी और इलाज का अगला कदम तय कर सकी। बच्चे को मोनाल्दी अस्पताल भेजा गया, जहां बाल हृदय रोग, हृदय की लय और हृदय शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया।
इसके बाद एक बाल हृदय शल्य चिकित्सक ने एपिकार्डियल पेसमेकर प्रत्यारोपित किया। बच्चों के कुछ मामलों में इस्तेमाल होने वाले इस उपकरण के तार हृदय की बाहरी सतह पर लगाए जाते हैं। यह हृदय की लय की निगरानी कर सकता है और धड़कन खतरनाक रूप से धीमी होने या रुकने पर विद्युत आवेग दे सकता है।
यह मामला दिखाता है कि टेलीमेडिसिन विशेषज्ञों की निगरानी को क्लिनिक से बाहर तक कैसे पहुंचा सकती है। इसने चिकित्सकीय निर्णय की जगह नहीं ली: प्रत्यारोपित रिकॉर्डर ने रोजमर्रा के जीवन में हुई एक दुर्लभ घटना दर्ज की, दूरस्थ संचार ने जानकारी डॉक्टरों तक पहुंचाई, और दो अस्पतालों की टीमों ने इसके आधार पर निदान और उपचार की योजना बनाई।
स्रोत
- ANSA.itTelemedicina individua grave aritmia in bimbo di 3 anni - Notizie
- Il MattinoAritmia ferma il cuore di un bambino di tre anni: salvato al Santobono e al Monaldi
- MondosanitàAritmia, il cuore si ferma per 25 secondi: la telemedicina salva un bambino di tre anni a Napoli
- Corriere della SeraNapoli, il battito del cuore di un bimbo di 3 anni si ferma per 25 secondi: operato e salvato al Santobono