
समुदाय और दयालुता
त्रिपुरा में बचाव दलों ने 1,305 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
भारत के पश्चिम त्रिपुरा जिले में रात भर हुई भारी बारिश से अचानक बाढ़ आने के बाद आपातकालीन दलों ने जलमग्न बस्तियों से कम से कम 1,305 लोगों को निकालकर 17 राहत शिविरों में पहुंचाया।
अधिकारियों ने बताया कि निकाले गए लोग निचले इलाकों में रहने वाले 413 परिवारों से थे। इन इलाकों में बल्दाखाल, श्रीलंकाबस्ती, कथाखाल और बाम्बुटिया का एक हिस्सा शामिल था। हावड़ा और कथाखाल नदियों के किनारे कई बस्तियां जलमग्न हो गईं। नावें तैनात की गईं और जिला प्रशासन, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा राज्य आपदा मोचन बल ने बचाव, राहत और सहायता कार्य किए।
NDRF की 30 सदस्यीय एक टीम ने बताया कि उसने एक गर्भवती महिला सहित 25 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यही टीम पेड़ गिरने से अवरुद्ध हुए एक राजमार्ग को भी साफ कर रही थी। उसके पास जल बचाव, खोज एवं बचाव तथा शुरुआती आपात चिकित्सा सहायता के उपकरण उपलब्ध थे।
शिविरों में अधिकारियों ने भोजन और शिशु आहार का इंतजाम किया। प्रभावित इलाकों और आश्रय स्थल बनाए गए एक स्कूल के दौरे के दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि खतरे के निशान को पार करने के बाद नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा था और उस समय तक बारिश रुक गई थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और NDRF के अतिरिक्त कर्मियों को जरूरत पड़ने पर तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। साथ ही, राज्य बार-बार आने वाली बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर विचार कर रहा है।