
विज्ञान और खोज
सरल शाखायुक्त पेप्टाइड ने कई दवाओं के प्रतिरोधी जीवाणुओं के खिलाफ उम्मीद जगाई
चीन के शोधकर्ताओं ने अपेक्षाकृत सरल शाखायुक्त पेप्टाइड अणु तैयार किया है, जिसने प्रयोगशाला और पशुओं पर किए गए प्रयोगों में कई दवाओं के प्रतिरोधी जीवाणुओं की व्यापक श्रेणी को नष्ट किया। यह प्रीक्लिनिकल अध्ययन ऐसी जीवाणुरोधी दवाओं की दिशा में संभावित रास्ता सुझाता है, जिनका उत्पादन अधिक जटिल पेप्टाइड संरचनाओं के मुकाबले आसान और कम खर्चीला हो।
इस अणु का आधार नौ अमीनो अम्लों की एक सीधी शृंखला है, जिसमें सात-सात अमीनो अम्लों की दो शाखाएं जुड़ी हैं और एक सिरे पर लॉरिक अम्ल का अणु है। यह संरचना उसे स्वयं संयोजित होने में मदद करती है और उसकी समग्र स्थिरता बढ़ाती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, तैयार अणु की जीवाणुरोधी सक्रियता अधिक शाखाओं वाले वृक्षाकार अणुओं के बराबर या उनसे बेहतर रही, जबकि इसके संश्लेषण की प्रक्रिया सरल थी।
प्रयोगों से संकेत मिला कि यह पेप्टाइड जीवाणुओं पर एक से अधिक तरीके से हमला करता है। यह जीवाणु की सतह पर मौजूद महत्वपूर्ण पदार्थों से जुड़ सकता है और कोशिका झिल्ली को क्षतिग्रस्त कर सकता है। कम सांद्रता पर यह जीवाणु कोशिकाओं के भीतर की गतिविधियों में भी बाधा डाल सकता है। अणु ने जीवाणुओं की जैव-परतों और सुप्त अवस्था में बने रहने वाली पर्सिस्टर कोशिकाओं को नष्ट किया, जो लंबे समय तक बने रहने वाले या बार-बार लौटने वाले संक्रमणों में योगदान दे सकती हैं। परीक्षणों ने यह भी संकेत दिया कि यह आसानी से प्रतिरोध विकसित होने को बढ़ावा नहीं देता।
कोशिकाओं और पशुओं पर किए गए अध्ययनों में अणु ने सुरक्षा और उपचार के लिहाज से भी अनुकूल परिणाम दिखाए। इसकी संरचना और संबंधित उपयोगों को आविष्कार पेटेंट मिला है, लेकिन अब तक बताए गए साक्ष्य प्रीक्लिनिकल ही हैं। इसलिए मरीजों में किसी भी उपयोग से पहले और विकास की जरूरत होगी।