
विज्ञान और खोज
छोटी एकाकी मधुमक्खियों में असाधारण रूप से पैनी दृष्टि के कई तरीके सामने आए
कुछ छोटी एकाकी मधुमक्खियां श्रमिक शहद-मधुमक्खियों की तुलना में अधिक बारीक विवरण देख सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया की नीली धारियों वाली एक प्रजाति ने बहुत छोटे गतिशील लक्ष्यों को लगभग उतनी ही अच्छी तरह पहचाना जितना उससे कहीं बड़ी नर शहद-मधुमक्खियों ने। ये निष्कर्ष लंबे समय से शहद-मधुमक्खियों पर केंद्रित शोध क्षेत्र का दायरा बढ़ाते हैं और दिखाते हैं कि कीटों की अच्छी दृष्टि के लिए बड़ी आंखें होना ही एकमात्र रास्ता नहीं है।
लुंड विश्वविद्यालय और एडिलेड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अलग-अलग प्रकाशग्राही कोशिकाओं से विद्युत संकेत दर्ज किए। ये प्रकाश-संवेदनशील कोशिकाएं मधुमक्खी की संयुक्त आंख के लेंसों के पीछे होती हैं। उन्होंने चार प्रजातियों के नर और मादा का परीक्षण किया, जिनमें भौंरों की एक और एकाकी मधुमक्खियों की तीन प्रजातियां शामिल थीं। फिर उन्होंने परिणामों की तुलना शहद-मधुमक्खियों के पिछले मापों से की। परीक्षण किए गए हर समूह की प्रकाशग्राही कोशिकाओं की बारीक विवरण पहचानने की क्षमता भोजन जुटाने वाली मादा शहद-मधुमक्खियों से अधिक थी।
शारीरिक बनावट से इसकी वजह समझने में मदद मिली। नर वूल कार्डर मधुमक्खियों में प्रकाश ग्रहण करने वाली संरचनाएं असाधारण रूप से संकरी थीं, जो बारीक विवरण बनाए रखती थीं, हालांकि इसके बदले प्रकाश-संवेदनशीलता कम हो जाती थी। नर शहद-मधुमक्खियां बड़े लेंस और अधिक प्रकाश संग्रह पर निर्भर करती हैं। उनसे बहुत छोटी नीली धारियों वाली मधुमक्खी प्रकाशिकी, नमूना-ग्रहण और कम विद्युत शोर के एक अलग संतुलन के जरिए लक्ष्य पहचानने की तुलनीय क्षमता हासिल करती प्रतीत होती है।
अध्ययन में दुनिया की 20,000 से अधिक मधुमक्खी प्रजातियों में से केवल कुछ ही शामिल थीं और प्रयोगशाला की स्क्रीन सूर्य के प्रकाश से कम उजली थीं। फिर भी आंखों की सफल संरचनाओं की यह विविधता रोबोट, कैमरों और स्वायत्त वाहनों के लिए छोटे, ऊर्जा-कुशल दृश्य सेंसर विकसित करने में उपयोगी हो सकती है। साथ ही यह शोधकर्ताओं को परिचित मॉडल प्रजातियों से आगे देखने के लिए प्रेरित कर सकती है।