
प्रौद्योगिकी और नवाचार
स्थापित क्षमता के लिहाज से सौर ऊर्जा चीन का सबसे बड़ा बिजली स्रोत बनी
चीन की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता पहली बार कोयला आधारित बिजली उत्पादन क्षमता से आगे निकल गई है। इसके साथ ही क्षमता के लिहाज से फोटोवोल्टाइक ऊर्जा देश का सबसे बड़ा बिजली स्रोत बन गई है। चीन के राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के अनुसार, जुलाई के अंत में सौर संयंत्रों की कुल क्षमता 1,286 गीगावाट थी, जो कोयला आधारित संयंत्रों की 1,285 गीगावाट क्षमता से मामूली अधिक थी।
सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी अब देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में लगभग 31.5% है। कुल सौर क्षमता में 704 गीगावाट केंद्रीकृत संयंत्रों से और 582 गीगावाट वितरित प्रणालियों से आती है। वितरित प्रणालियों में बिजली के उपयोग स्थल के करीब जुड़ी छोटी परियोजनाएं भी शामिल हैं। चीन ने 2026 के पहले सात महीनों में 85.65 गीगावाट सौर क्षमता जोड़ी, जो इस अवधि में जोड़ी गई कुल नई उत्पादन क्षमता के 40% से अधिक है।
इस उपलब्धि का मतलब यह नहीं है कि सौर ऊर्जा से कोयले की तुलना में अधिक बिजली पैदा हो रही है। सौर उत्पादन दिन की रोशनी और मौसम के साथ बदलता है, जबकि भरोसेमंद आपूर्ति बनाए रखने में कोयला संयंत्रों की भूमिका अब भी केंद्रीय है। फिर भी, जनवरी से जुलाई तक फोटोवोल्टाइक बिजली उत्पादन 802.4 अरब किलोवाट-घंटे रहा, जो एक साल पहले से 15.5% अधिक और राष्ट्रीय बिजली खपत के 13% के बराबर है।
2025 की तुलना में नए सौर संयंत्रों की स्थापना की रफ्तार धीमी हुई, लेकिन सौर क्षमता का कोयला क्षमता से आगे निकलना चीन की बिजली व्यवस्था में हो रहे परिवर्तन के पैमाने को दिखाता है। इस क्षमता को कम कार्बन उत्सर्जन वाली बिजली की अधिक स्थिर आपूर्ति में बदलने के लिए बेहतर ग्रिड एकीकरण और ऊर्जा भंडारण बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
स्रोत
- infobaeLa energía solar supera por primera vez al carbón en capacidad instalada en China
- TerraEnergia solar supera carvão em capacidade instalada na China pela primeira vez
- tagesschau.deSolar überholt Kohle erstmals als größte Stromquelle Chinas
- ANSA.itCina, il fotovoltaico supera per la prima volta il carbone per capacità installata - Ultima ora