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सौर ऊर्जा से समोसिर के धान के खेतों तक पहुंचा टोबा झील का पानी
इंडोनेशिया के समोसिर में 82 हेक्टेयर धान के खेतों को टोबा झील का पानी पहुंचाने के लिए एक नई सौर ऊर्जा चालित पंप प्रणाली शुरू की गई है। सिबोनोर ओम्पु रातुस गांव में 3 अक्टूबर को उद्घाटित इस प्रणाली को ईंधन चालित पंपों पर निर्भरता घटाते हुए 749 किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।
सीमित सिंचाई के कारण ये किसान मुख्यतः बारिश पर निर्भर रहे हैं और साल में केवल एक बार बुआई कर पाते हैं। 2024 में लंबे सूखे के कारण समोसिर में फसलें नष्ट हो गई थीं।
इंडोनेशिया और ब्रिटेन के सहयोग वाली यह परियोजना खरीदे हुए ईंधन के बजाय धूप से सिंचाई के लिए ऊर्जा प्राप्त करती है। धूप की सबसे अनुकूल परिस्थितियों में यह प्रणाली रोज़ाना 1,700 से 1,900 घन मीटर पानी उपलब्ध करा सकती है। इंडोनेशिया के राष्ट्रीय विकास योजना मंत्रालय को उम्मीद है कि पानी की अधिक भरोसेमंद आपूर्ति से साल में अतिरिक्त बुआई संभव होगी और धान का वार्षिक उत्पादन लगभग 50 टन से बढ़कर 150 टन हो जाएगा।
उपकरणों को चालू रखना भी योजना का हिस्सा है। एक स्थानीय जल उपयोगकर्ता समूह को रखरखाव, लेखा-जोखा और पानी के आवंटन का प्रशिक्षण दिया गया है तथा जिला सरकार ने संचालकों के लिए धन देने की प्रतिबद्धता जताई है। किसान भी कटाई के समय रखरखाव शुल्क देंगे।
स्थानीय निवासी और जल उपयोगकर्ता समूह की सदस्य नाओमी ब्र मैनिक के लिए इसकी खासियत पानी तक स्थायी पहुंच है। उन्होंने कहा कि निवासी सोने के बजाय पंप को चुनेंगे, क्योंकि इससे उनके खेत आने वाली पीढ़ियों का भरण-पोषण कर सकेंगे।