
बेहतर होता जीवन
गति-संवेदी ट्रैफिक लाइटों से वाहनों की रफ्तार और दुर्घटनाएं घटने के उत्साहजनक संकेत
गति सीमा का पालन करने वाले चालकों को लाभ देने वाले ट्रैफिक सिग्नल अमेरिका के कई शहरों में उत्साहजनक परिणाम दिखा रहे हैं। इन प्रणालियों में बत्तियां सामान्यतः लाल रहती हैं और निर्धारित सीमा या उससे कम गति से पास आने वाले वाहनों के लिए जल्दी हरी हो जाती हैं।
न्यू मेक्सिको का अल्बुकर्क शहर आवासीय इलाकों से गुज़रने वाली समानांतर एकतरफा सड़कों, लीड और कोल एवेन्यू, पर इस तरीके का इस्तेमाल करता है। शहर के अधिकारी दुर्घटनाओं और चोटों में उल्लेखनीय कमी का श्रेय इस व्यवस्था तथा आसपास लगे गति कैमरों को देते हैं। इस मार्ग के एक निवासी का भी कहना है कि सिग्नल लगाए जाने के बाद देर रात वाहनों की रेसिंग की आवाज़ें बहुत कम सुनाई देती हैं।
ओरेगन के पोर्टलैंड ने हाल ही में साउथईस्ट पॉवेल बुलेवार्ड पर रात के समय ऐसी ही तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। जिस चौराहे पर पहला परीक्षण किया गया, वहां वाहनों की औसत गति 39 मील प्रति घंटा, यानी 63 किलोमीटर प्रति घंटा, से घटकर निर्धारित सीमा 30 मील प्रति घंटा, यानी 48 किलोमीटर प्रति घंटा, पर आ गई। ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता अब प्रणाली का मूल्यांकन कर रहे हैं। इसमें यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इसके अनचाहे प्रभाव हो सकते हैं, जैसे लाल बत्ती के बावजूद आगे निकलने की घटनाएं बढ़ना।
इन सेंसर-आधारित परीक्षणों से इतर भी व्यापक “सामान्यतः लाल रहने” की अवधारणा के समर्थन में प्रमाण हैं। नॉर्थ कैरोलाइना की पांच सड़कों पर 2023 के एक अध्ययन में पाया गया कि वाहनों के पास आने तक सिग्नल लाल रखने की प्रोग्रामिंग के बाद कुल दुर्घटनाओं में 43% की कमी आई। शोधकर्ताओं ने आगाह किया है कि व्यापक निष्कर्ष निकालने से पहले और प्रमाण चाहिए, लेकिन शुरुआती नतीजे बताते हैं कि सड़क का भौतिक पुनर्निर्माण किए बिना ट्रैफिक लाइटें अधिक सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा दे सकती हैं।