
स्वास्थ्य और उपचार
ताइवान ने हेपेटाइटिस सी के प्रमुख 2030 लक्ष्य पांच साल पहले ही पार किए
ताइवान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, देश ने हेपेटाइटिस सी के निदान और उपचार के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2030 के लक्ष्यों को पार कर लिया है। दिसंबर 2025 तक दीर्घकालिक हेपेटाइटिस सी से पीड़ित 92.4% लोगों की बीमारी का निदान हो चुका था और निदान किए गए मरीजों में हर दस में से नौ से अधिक को उपचार मिल चुका था।
यह प्रगति जांच और देखभाल तक पहुंच आसान बनाने के लिए वर्षों से किए जा रहे प्रयासों के बाद हुई है। 2025 के अंत तक लगभग 78.6 लाख लोगों की सरकारी खर्च पर हेपेटाइटिस बी और सी की जांच की जा चुकी थी। उसी वर्ष पात्रता का दायरा बढ़ाकर 39 से 79 वर्ष के वयस्कों को शामिल किया गया। ताइवान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा ने 2017 में अत्यधिक प्रभावी, मुंह से ली जाने वाली एंटीवायरल दवाओं का खर्च उठाना शुरू किया और 2019 में लिवर में दागदार ऊतक बनने की गंभीरता के आधार पर लागू पाबंदियां हटा दीं।
यह कार्यक्रम दूरदराज और पर्वतीय समुदायों तक भी देखभाल पहुंचाता है तथा अधिक जोखिम वाले समूहों पर विशेष ध्यान देता है, जिनमें डायलिसिस कराने वाले और एचआईवी के साथ जी रहे लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस व्यापक रणनीति के साथ-साथ लिवर कैंसर की घटना दर और मृत्यु दर में लगातार गिरावट आई है, हालांकि रिपोर्टें यह स्थापित नहीं करतीं कि इस गिरावट का कितना हिस्सा हेपेटाइटिस सी संबंधी उपायों के कारण है।
वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को The Lancet में ऑनलाइन प्रकाशित एक पत्र में इस दृष्टिकोण का वर्णन किया। यह प्रकाशन पत्राचार था, कोई नया शोध अध्ययन नहीं। ये आंकड़े निदान और उपचार में महत्वपूर्ण उपलब्धियों को दर्शाते हैं, न कि हेपेटाइटिस सी के उन्मूलन की पुष्टि करते हैं।