
प्रौद्योगिकी और नवाचार
ताइवान की प्रक्रिया बेहद नमकीन अंडे की सफेदी को बहुउपयोगी, अधिक फाइबर वाले खाद्य घटक में बदलती है
ताइवान में पांच साल के शोध ने इस्तेमाल में कठिन नमकीन अंडे की सफेदी को रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों के लिए उपयुक्त, कम नमक वाले घटक में बदल दिया है। पशुधन अनुसंधान संस्थान ने इसमें नमक की सांद्रता 5.5%–9% से घटाकर 1.5% से नीचे कर दी, जो ताइवानी चाय-अंडे के नमकीनपन के करीब है।
ताइवान के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में मूनकेक और अन्य बेक किए हुए उत्पादों में जर्दी इस्तेमाल करने के बाद हर साल 4,300 मीट्रिक टन से अधिक नमकीन अंडे की सफेदी उपोत्पाद के रूप में निकलती है। प्रोटीन से भरपूर होने के बावजूद इसे आम तौर पर फेंक दिया जाता है, क्योंकि यह बेहद नमकीन होती है, गर्म करने पर भुरभुरी होकर टूटती है और इसके निपटान में कारोबारों को खर्च भी उठाना पड़ सकता है।
शोधकर्ताओं ने खाद्य मिश्रण तैयार करने, नमक हटाने और बनावट सुधारने की प्रक्रियाओं को जोड़ा, फिर आहार फाइबर मिलाया। परीक्षणों में पाया गया कि तैयार घटक के 100 ग्राम में 9.9 ग्राम प्रोटीन, 4.7 ग्राम आहार फाइबर, 0.3 ग्राम वसा और 453 मिलीग्राम सोडियम था। बेहतर बनावट के कारण इसे आकार देना और प्रसंस्कृत करना आसान है, जबकि बचा हुआ नमकीन स्वाद अतिरिक्त मसाले या नमक की जरूरत कम कर सकता है।
संस्थान के अनुसार, इस घटक का इस्तेमाल सैंडविच, गुआ बाओ, स्टर-फ्राइड नूडल्स, ठंडे व्यंजनों और हॉट-पॉट व्यंजनों में किया जा सकता है। उसने दो खाद्य कंपनियों को तकनीक का लाइसेंस दिया है, जिससे एक समस्याजनक उपोत्पाद को उपयोगी खाद्य घटक बनाने का रास्ता खुला है।