
स्वास्थ्य और उपचार
ताइवान के नए आमाशय कैंसर जांच कार्यक्रम के तहत छह लाख लोगों की जांच
ताइवान के नए सार्वजनिक धन से संचालित आमाशय कैंसर रोकथाम कार्यक्रम के तहत शुरुआत के सात महीने बाद, जुलाई के अंत तक छह लाख लोगों की जांच की गई। 45 से 74 वर्ष के वयस्कों के लिए उपलब्ध इस कार्यक्रम में कोलोरेक्टल कैंसर की मौजूदा मल जांच के साथ हेलिकोबैक्टर पाइलोरी की जांच जोड़ी गई है। इस संक्रमण का इलाज संभव है, लेकिन इसका आमाशय कैंसर से गहरा संबंध है। जांच कराने वालों में से 22.4% में संक्रमण पाया गया।
कार्यक्रम का क्रियान्वयन 20 से अधिक वर्षों के स्थानीय शोध पर आधारित है, जिसमें उच्च जोखिम वाले समुदायों के अध्ययन से लेकर 10 वर्षों का नैदानिक परीक्षण शामिल है। उस परीक्षण ने दिखाया कि मल के एक ही नमूने से छिपे हुए रक्त और एच. पाइलोरी एंटीजन, दोनों की जांच की जा सकती है। 30 वर्षों की अवधि के लिए किए गए मॉडल-आधारित आकलन के अनुसार, केवल कोलोरेक्टल कैंसर की जांच की तुलना में बैक्टीरिया की जांच जोड़ने से आमाशय कैंसर से मृत्यु दर 14% घट सकती है और प्रति व्यक्ति लगभग आठ अमेरिकी डॉलर की बचत हो सकती है। शोधकर्ताओं ने गणना की कि खर्च की हर इकाई पर रोकथाम से लगभग पांच इकाइयों के बराबर लाभ मिलता है।
इन प्रमाणों ने अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी के एक कार्यसमूह के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश तैयार करने में भी मदद की। इस समूह में 20 देशों के 35 विशेषज्ञ शामिल थे। New England Journal of Medicine में प्रकाशित ये दिशानिर्देश जांच, उपचार, एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग और गुणवत्ता निगरानी पर केंद्रित हैं। लागत-प्रभावशीलता का अध्ययन JAMA में प्रकाशित हुआ, जबकि भूटान तथा यूरोप और दक्षिण अमेरिका के अन्य देश इसी तरह के कार्यक्रमों पर विचार कर रहे हैं।