
फलती-फूलती प्रकृति
तस्मानिया में गंभीर रूप से संकटग्रस्त तोतों को बर्ड फ्लू के टीके लगने शुरू
तस्मानिया ने मानव देखरेख में रखे नारंगी पेट वाले तोतों को H5 बर्ड फ्लू के खिलाफ टीका लगाना शुरू कर दिया है। इससे गर्मियों के प्रजनन मौसम से पहले ऑस्ट्रेलिया के सबसे दुर्लभ पक्षियों में से एक को सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत मिलेगी।
चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत होबार्ट के बाहर स्थित एक संरक्षण प्रजनन केंद्र में लगभग 350 तोतों को टीका लगाए जाने की उम्मीद है। प्रत्येक को फरवरी तक दो खुराकें दी जानी हैं। पहले चरण में अधिकतम 50 पक्षियों के समूह की बारीकी से निगरानी की जाएगी, जिसमें प्रजनन क्षमता पर किसी प्रभाव को भी देखा जाएगा। इसके बाद अधिकारी बाकी पक्षियों के लिए आगे की प्रक्रिया तय करेंगे। किसी प्रतिकूल प्रभाव की आशंका नहीं है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई तोतों में H5 के बारे में प्रमाण सीमित हैं।
टीका लगाए गए कुछ किशोर पक्षियों को तस्मानिया के दक्षिण-पश्चिम में हर साल पक्षियों को जंगल में छोड़ने के कार्यक्रम के तहत छोड़े जाने की योजना है। वे जंगल में मौजूद उस आबादी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, जिसका अनुमान 100 से कम है। यह आबादी 2016 में घटकर केवल 17 पक्षी रह गई थी। यह प्रजाति तस्मानिया में प्रजनन करती है और सर्दियों में विक्टोरिया तथा दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के तटीय क्षेत्रों में प्रवास करती है। आनुवंशिक विविधता में कमी इसे बीमारियों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना सकती है।
तस्मानिया में H5 के मामले फैलने से यह प्रयास अत्यावश्यक हो गया है। इनमें प्रजनन केंद्र के पास एक टर्न पक्षी में मिला संक्रमण भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में पक्षियों की सामूहिक मौत या पोल्ट्री उद्योग में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। वे लोगों से बीमार या मृत पक्षियों से दूर रहने और ऐसे पक्षी दिखने पर सूचना देने की अपील जारी रखे हुए हैं। इन सूचनाओं ने वायरस के प्रसार पर नजर रखने में मदद की है।