विज्ञान और खोज

नन्हे क्रिस्टलों से पूर्वी इंग्लैंड के नीचे प्राचीन महाज्वालामुखी का पता चला

वैज्ञानिकों ने इंग्लैंड के पूर्वी तट के नीचे एक विशाल, बहुत पहले विलुप्त हो चुके महाज्वालामुखी के अवशेष पहचाने हैं। इससे द वॉश से स्कैंडिनेविया तक फैली एक भूवैज्ञानिक पहेली सुलझ गई है। जमीन के नीचे दबे इस ढांचे की चौड़ाई कम से कम 65 किलोमीटर है और इसमें लगभग 45 करोड़ 40 लाख वर्ष पहले विस्फोट हुआ था—डायनासोर के उद्भव से करीब 20 करोड़ वर्ष पहले।

यह खोज पूर्वी इंग्लैंड में लगभग 80 वर्ष पहले ड्रिलिंग से निकाले गए और ब्रिटिश भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित चट्टानी नमूनों के दोबारा विश्लेषण से हुई। आधुनिक काल-निर्धारण तकनीकों का उपयोग कर शोधकर्ताओं ने लगभग इंसान के बाल जितनी चौड़ाई वाले जिरकॉन क्रिस्टलों की जांच की। ये क्रिस्टल मैग्मा के भीतर बने थे और इनमें अपनी उत्पत्ति का सटीक रासायनिक रिकॉर्ड सुरक्षित था।

इनकी आयु, लगभग 45 करोड़ 44 लाख वर्ष, स्कैंडिनेविया और पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों में फैली किने कुले राख की परत में मिले जिरकॉन की आयु से बहुत निकटता से मेल खाती है। रासायनिक तुलना से और साक्ष्य मिले कि इंग्लैंड में हुए इस विशाल विस्फोट की राख प्राचीन टॉर्नक्विस्ट सागर को पार कर उसकी तलहटी में जमा हुई थी। विस्फोट में सैकड़ों घन किलोमीटर या उससे भी अधिक सामग्री बाहर निकली थी, जिससे यह पृथ्वी के भूवैज्ञानिक अतीत के सबसे बड़े ज्ञात विस्फोटों में शामिल हो गया।

आज के समतल तटीय भू-दृश्य में इस ज्वालामुखी का कोई हिस्सा दिखाई नहीं देता। शोधकर्ता जोर देते हैं कि यह विलुप्त हो चुका है और इससे विस्फोट का कोई खतरा नहीं है। इसकी पहचान ब्रिटेन की गहरी भूगर्भीय संरचना की समझ को नया रूप देती है और दिखाती है कि बेहतर उपकरणों से दोबारा अध्ययन किए जाने पर संग्रह में रखे नमूने बड़े सवालों के जवाब दे सकते हैं।

स्रोत

  1. BBCAncient supervolcano found under England's east coast
  2. Eastern Daily PressBuried ancient supervolcano in Norfolk unleashed one of history's greatest eruptions

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

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न तो BBC और न ही Eastern Daily Press किसी मूल समाचार प्रकाशक या समाचार एजेंसी का नाम देता है। उपलब्ध अन्य कवरेज में शोधकर्ताओं की कुछ टिप्पणियों का स्रोत स्पष्ट रूप से BBC बताया गया है, जिससे इसे मौलिक रिपोर्टिंग मानने का आधार मिलता है; Eastern Daily Press के लिए ऐसी स्रोत-पुष्टि स्थापित नहीं होती।