
विज्ञान और खोज
सूक्ष्म जीवाश्मों ने प्राणियों की उत्पत्ति की समयरेखा पर उठाए सवाल
मंगोलिया के सूक्ष्म जीवाश्मों का अध्ययन कर रहे शोधकर्ताओं ने इस बारे में एक प्रमुख तर्क को कमजोर किया है कि प्राणी जीवन कब शुरू हुआ। उनके निष्कर्ष बताते हैं कि प्राणी अपने सबसे पुराने, निर्विवाद जीवाश्मों से संकेत मिलने वाले समय से 20 करोड़ साल तक पहले अस्तित्व में आ सकते थे।
ऑक्सफोर्ड के नेतृत्व में किए गए और Science Advances में प्रकाशित अध्ययन में खेसीन के जीवाश्म निक्षेपों से मिले 140 से अधिक नमूनों की जांच की गई। कुछ में आंतरिक कोशिकाओं जैसी नाजुक संरचनाएं भी संरक्षित थीं, लेकिन किसी भी नमूने को विश्वासपूर्वक प्राणी के रूप में नहीं पहचाना जा सका। महत्वपूर्ण बात यह है कि उस काल के प्राणियों के जीवाश्म अन्य स्थानों पर मिले हैं।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वैज्ञानिकों ने प्राणियों की उत्पत्ति के समय के अनुमानों की सीमा तय करने के लिए चीन के एक ऐसे ही, लेकिन अधिक पुराने निक्षेप का इस्तेमाल किया था। 59 करोड़ साल पुराने वेंगआन निक्षेपों में सूक्ष्म जीवन असाधारण बारीकी से संरक्षित है, लेकिन कोई निर्विवाद प्राणी जीवाश्म नहीं मिला है। शोधकर्ताओं का तर्क था कि यदि उस समय प्राणी मौजूद होते, तो वे वहां संरक्षित हो गए होते।
मंगोलिया के निष्कर्ष इस धारणा को चुनौती देते हैं: उत्कृष्ट संरक्षण जीवन के संपूर्ण अभिलेख की गारंटी नहीं देता।
इसके बाद टीम ने पुराने जीवाश्म निक्षेपों को एक “आणविक घड़ी” विश्लेषण में संदर्भ बिंदुओं के रूप में इस्तेमाल किया। यह विश्लेषण जीवित प्रजातियों के बीच आनुवंशिक भिन्नताओं की तुलना करके अनुमान लगाता है कि उनके पूर्वज कब जीवित थे। इससे प्राणियों की उत्पत्ति का अनुमान पीछे खिसककर 70 से 80 करोड़ साल पहले के बीच पहुंच गया।
इतने पुराने प्राणियों के जीवाश्म नहीं मिले, इसलिए यह समय अब भी अनिश्चित है। लेकिन अध्ययन लापता साक्ष्यों की तलाश के लिए अलग-अलग परिवेशों की अधिक पुरानी चट्टानों की जांच करने के पक्ष को मजबूत करता है।