
प्रौद्योगिकी और नवाचार
हृदय के लक्षित उपचार के लिए नन्हे चुंबकीय रोबोट शुरुआती परीक्षणों में सफल
जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के इंजीनियरों ने नन्हे चुंबकीय रोबोटों को एक कृत्रिम हृदय के भीतर दिशा देकर चलाया है, यहां तक कि रक्तप्रवाह की नकल करने वाले प्रवाह की विपरीत दिशा में भी। अलग प्रयोगों में उन्होंने सूअर के हृदय के ऊतकों से इन उपकरणों के जुड़ने की क्षमता जांची। ये नतीजे हृदय के खतरनाक संक्रमणों तक सीधे दवा पहुंचाने की दिशा में एक शुरुआती कदम हैं।
हर रोबोट की चौड़ाई लगभग पेंसिल की नोक जितनी और लंबाई चावल के एक दाने जितनी है। इस डिजाइन में ऊतक को पकड़ने वाले एक एंकर के साथ दवा पहुंचाने वाला रोबोट होता है, जो चुंबकीय रूप से उससे जुड़ता है और धीरे-धीरे अपने भीतर रखी सामग्री छोड़ता है। इसके बाद दवा पहुंचाने वाली इकाई अलग हो सकती है, जिससे अगली खुराक के लिए जगह बनती है। बाहरी चुंबकीय क्षेत्र रोबोटों को दिशा देते हैं, इसलिए उनमें मोटर या बैटरी लगाने की जरूरत नहीं होती।
रिपोर्ट किए गए परीक्षणों में जुड़ने की प्रक्रिया हर बार सफल रही और अलग होने की प्रक्रिया 93% प्रयासों में सफल हुई। दवा पहुंचाने वाले रोबोट ने तीन घंटे में थोड़ी मात्रा में तरल भी छोड़ा।
इनका लक्षित उपयोग संक्रामक एंडोकार्डाइटिस के लिए है। यह हृदय की अंदरूनी परत का संक्रमण है, जो अक्सर उसके वाल्वों को प्रभावित करता है। उपचार के लिए आम तौर पर कई हफ्तों तक नस के जरिए एंटीबायोटिक दवाएं देनी पड़ती हैं; कुछ मरीजों को सर्जरी की भी जरूरत होती है।
Advanced Materials Technologies में प्रकाशित इस अध्ययन ने यह नहीं दिखाया कि रोबोट किसी संक्रमण को ठीक कर सकते हैं, और वे अभी मानव परीक्षणों के लिए तैयार नहीं हैं। आगे शोधकर्ता ऐसे हृदय मॉडलों में परीक्षण की योजना बना रहे हैं जो धड़कते हृदय के संकुचनों की भी नकल करते हों।