
स्वास्थ्य और उपचार
अमेरिका ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी के लिए सीधे मांसपेशियों पर असर करने वाले पहले उपचार को मंजूरी दी
अमेरिका ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) के लिए सीधे मांसपेशियों पर असर करने वाले अपने पहले उपचार को मंजूरी दे दी है। इससे उन लोगों के लिए एक नया विकल्प जुड़ा है, जिन्हें मौजूदा उपचारों के बावजूद चलने-फिरने में कठिनाई होती है।
Isembyld या apitegromab नामक यह दवा उन वयस्कों और दो वर्ष या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए मंजूर की गई है, जो पहले से SMN2 जीन को लक्षित करने वाले उपचार ले रहे हैं। यह उन उपचारों की जगह नहीं लेती, बल्कि उनकी पूरक है।
SMA एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें मांसपेशियों की कमजोरी लगातार बढ़ती जाती है और चलने-फिरने, सांस लेने तथा निगलने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। मौजूदा उपचार शरीर की गति को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। apitegromab का तरीका अलग है: यह मांसपेशियों की वृद्धि को सीमित करने वाले प्रोटीन मायोस्टैटिन के सक्रिय होने को रोकती है।
यह मंजूरी दो से 21 वर्ष की उम्र के 188 लोगों पर किए गए परीक्षण के आधार पर दी गई। ये सभी पहले से SMA का उपचार ले रहे थे। परीक्षण में परखी गई खुराकों में से एक खुराक के स्तर पर दवा पाने वाले दो से 12 वर्ष के बच्चों में से 34.2% की चलने-फिरने की क्षमता में लगभग एक साल बाद ऐसा सुधार दिखा, जिसे चिकित्सकीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। प्लेसीबो पाने वाले बच्चों में यह अनुपात 13.5% था।
यह दवा हर चार सप्ताह में नस के जरिए इन्फ्यूजन से दी जाती है। रिपोर्ट किए गए दुष्प्रभावों में श्वसन संक्रमण, उल्टी, खांसी और सिरदर्द शामिल थे। इसके लेबल पर हड्डी टूटने का जोखिम बढ़ने की संभावना की चेतावनी भी है, जिसमें गंभीर मामले शामिल हैं। इसलिए सावधानीपूर्वक चिकित्सकीय निगरानी महत्वपूर्ण है।