विज्ञान और खोज

मध्ययुगीन चर्मपत्र में मिले वायरल डीएनए से भेड़ चेचक के 3,700 साल के इतिहास का पता लगाने में मदद मिली

शोधकर्ताओं ने मध्ययुगीन चर्मपत्र और कांस्य युग की भेड़ों के दांतों से वायरल डीएनए प्राप्त करके भेड़ चेचक के 3,700 साल से अधिक लंबे विकासक्रम का पुनर्निर्माण किया है। यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय टीम ने पाया कि लेखन सामग्री के रूप में इस्तेमाल की गई पशुओं की खालें सदियों तक पशुधन में संक्रमण के प्रमाण सहेज सकती हैं। साइंस एडवांसेज़ में प्रकाशित उनके अध्ययन में 21 नए प्राचीन वायरल जीनोम की जानकारी दी गई है।

ब्रिटेन और महाद्वीपीय यूरोप की पांडुलिपियों में वायरस के अंश मिले। इनमें लगभग 1,000 साल पुरानी यॉर्क गॉस्पेल्स और अंग्रेजी के सबसे शुरुआती शब्दकोशों में से एक, कॉर्पस ग्लॉसरी, शामिल हैं। कुछ ग्रंथों के कई पन्नों पर वायरल डीएनए मिला, जिससे संकेत मिलता है कि उनके निर्माण के लिए संक्रमित पशुओं की खालों का इस्तेमाल हुआ था। बछड़े और बकरी की खाल से बने चर्मपत्र पर भी डीएनए मिला, हालांकि शोधकर्ता अभी यह नहीं बता सकते कि यह विभिन्न प्रजातियों के बीच दुर्लभ संक्रमण का नतीजा है या चर्मपत्र बनाने के दौरान हुए संदूषण का।

इससे भी पुराने प्रमाण यूरेशियाई स्तेपी की पशुपालक बस्तियों में मिले भेड़ों के दांतों से प्राप्त हुए। इससे वायरस का ज्ञात इतिहास लगभग 1700 ईसा पूर्व तक पहुंच गया है। आधुनिक उपभेदों से तुलना बताती है कि अध्ययन में शामिल सहस्राब्दियों के दौरान भेड़ चेचक के जीनोम में अपेक्षाकृत कम बदलाव हुआ। निष्कर्ष संबंधित वायरसों के शुरुआती इतिहास को उस दौर से भी जोड़ते हैं जब पालतू भेड़ें नए क्षेत्रों में पहुंच रही थीं।

भेड़ चेचक आज भी एक अत्यधिक संक्रामक खतरा है, जो कम उम्र के पशुओं की जान ले सकता है और ऊन, मांस तथा दूध का उत्पादन घटा सकता है। पुस्तकालयों के संग्रह को जैविक अभिलेखागार के रूप में इस्तेमाल करके शोधकर्ताओं को अब यह जांचने का नया तरीका मिला है कि पशुधन की यह लंबे समय से मौजूद बीमारी कैसे विकसित हुई।

स्रोत

  1. Ars TechnicaMedieval manuscripts are "biological time capsules" for deadly sheeppox virus
  2. EurekAlert!Hidden DNA in medieval gospels reveal history of deadly livestock virus
  3. Irish Farmers Journal InteractiveHidden DNA traces sheep pox back at least 3,500 years
  4. Archaeology News Online MagazineDNA traces on medieval parchment reveal 3,700-year history of deadly sheeppox virus | Archaeology News Online Magazine

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

Science Advances study by L’Hôte et al., “3,500 years of sheeppox virus evolution inferred from archaeological and codicological genomes”

आर्स टेक्निका, यूरेकअलर्ट!, आयरिश फार्मर्स जर्नल और आर्कियोलॉजी न्यूज़ ऑनलाइन मैगज़ीन सभी अपने विवरणों का आधार स्पष्ट रूप से साइंस एडवांसेज़ में हाल ही में प्रकाशित अध्ययन बताते हैं। उनके उपलब्ध पाठों में किसी अन्य मध्यवर्ती स्रोत का उल्लेख नहीं है, इसलिए शोधपत्र ही उनका एकमात्र प्रमाणित साझा मूल स्रोत है।