विज्ञान और खोज

वेब के अध्ययन में चारिक्लो के दोनों वलयों में विपरीत बदलाव मिले

खगोलविदों ने पाया है कि शनि और यूरेनस के बीच परिक्रमा करने वाले छोटे खगोलीय पिंड चारिक्लो के दो संकरे वलयों में कुछ ही वर्षों में विपरीत दिशाओं में बदलाव हुए प्रतीत होते हैं। भीतरी वलय काफी अधिक अपारदर्शी हो गया है, जबकि बाहरी वलय कम अपारदर्शी दिखाई देता है।

यह निष्कर्ष पिछले दशक के अवलोकनों की जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन के डेटा से तुलना करने पर सामने आया। 18 अक्टूबर 2022 को शोधकर्ताओं ने वेब की मदद से चारिक्लो को एक दूरस्थ तारे के सामने से गुजरते देखा। इस तारकीय प्रच्छादन के दौरान तारे के प्रकाश में आई मामूली गिरावटों से उन वलयों के विवरण सामने आए जो इतने संकरे और दूर हैं कि उनकी सीधे तस्वीर लेना संभव नहीं है।

यह पहला तारकीय प्रच्छादन था जिसका विशेष रूप से वेब के लिए पूर्वानुमान लगाया गया, योजना बनाई गई और फिर सफलतापूर्वक अवलोकन किया गया। इसके लिए चारिक्लो की कक्षा, पीछे स्थित तारे की स्थिति और अंतरिक्ष में दूरबीन के स्थान की सटीक गणना जरूरी थी।

चारिक्लो का व्यास लगभग 250 किलोमीटर है और सूर्य से उसकी दूरी पृथ्वी की दूरी की लगभग 17 गुना है। 2013 में यह वलयों वाला पहला ज्ञात लघु खगोलीय पिंड बना। Science Advances में प्रकाशित नया अध्ययन इस पुराने विचार को चुनौती देता है कि ऐसे वलय अपेक्षाकृत स्थिर होते हैं। दिखाई देने वाले इन बदलावों की वजह अभी अनिश्चित है। इनमें वास्तविक परिवर्तन, अवलोकन में इस्तेमाल किए गए फिल्टरों का अंतर या दोनों की भूमिका हो सकती है।

स्रोत

  1. infobaeDescubren por primera vez cambios en dos anillos de un cuerpo del Sistema Solar
  2. europa pressInvestigadores detectan cambios en los anillos de Chariklo, un...

रिपोर्टिंग संबंधी टिप्पणियाँ

यह जानकारी कहाँ से आई

EFE

Infobae का लेख EFE की डेटलाइन से शुरू होता है और अंत में EFE को श्रेय देता है।

Unknown

Europa Press डेटलाइन में अपनी पहचान देता है और विस्तृत उद्धरण तथा तकनीकी संदर्भ शामिल करता है, लेकिन रिपोर्टिंग के किसी पूर्ववर्ती स्रोत का खुलासा नहीं करता।