
विज्ञान और खोज
अतिविशाल ब्लैक होल के पास मिला सौर तूफान जैसा संकेत
शोधकर्ताओं ने एक अतिविशाल ब्लैक होल के पास सौर ज्वालाओं में मिलने वाला पैटर्न खोजा है। इससे नया प्रमाण मिलता है कि एक ही चुंबकीय प्रक्रिया ब्रह्मांड के बेहद अलग-अलग हिस्सों में विस्फोटक उद्गारों को ऊर्जा दे सकती है।
Technion-Israel Institute of Technology के वैज्ञानिकों के नेतृत्व वाली टीम ने NGC 3783 आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल के आसपास के क्षेत्र से आने वाली एक्स-किरणों का अध्ययन किया। उनके अवलोकन XRISM और XMM-Newton अंतरिक्ष दूरबीनों से मिले थे और निष्कर्ष The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुए।
सूर्य पर चुंबकीय क्षेत्र अचानक पुनर्व्यवस्थित होकर संचित ऊर्जा छोड़ सकते हैं, जिससे शक्तिशाली उद्गार होते हैं। चुंबकीय पुनर्संयोजन नामक इस प्रक्रिया को ब्लैक होल के आसपास के अत्यंत गर्म क्षेत्रों में होने वाले विस्फोटक उद्गारों की व्याख्या के रूप में भी प्रस्तावित किया गया है। अब तक इसके अवलोकन-आधारित प्रमाण सीमित थे।
प्रमुख सुराग एक ज्वाला-उद्गार के दौरान अलग-अलग प्रकार के एक्स-किरण उत्सर्जनों के बीच संबंध था। न्यूपर्ट प्रभाव कहलाने वाला यह संबंध पहली बार 1968 में सूर्य पर देखा गया था। शोधकर्ताओं के अनुसार, ब्लैक होल के पास इसका पता पहली बार चला है।
उन्होंने पदार्थ का बेहद तेज बहिर्प्रवाह भी देखा, जो सौर उद्गारों के दौरान कभी-कभी निकलने वाले आवेशित कणों के बादलों जैसा था। ये अवलोकन मिलकर इस धारणा को मजबूत करते हैं कि पैमाने और परिस्थितियों में भारी अंतर के बावजूद, हमारे नजदीक अध्ययन की गई एक प्रक्रिया अतिविशाल ब्लैक होल के आसपास भी काम करती है।